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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश की चिंता राजनीति से प्रेरित : भाजपा नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल

 

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने 6 जुलाई को होने वाले राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक और अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया दी है।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए राम मंदिर ट्रस्ट की होने वाली बैठक को लेकर गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा चढ़ावा चोरी की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा करके आस्था के ऊपर कुठाराघात किया गया है। इस मामले को लेकर (आरएसएस, विहिप और भाजपा) सभी लोग चिंतित हैं। सभी की ओर से इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। जिन लोगों ने यह अपराध किया है, उनको कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले पर पूरी तरह से एक्शन में है। एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार एक्शन लिया जा रहा है। इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वरिष्ठ लोगों की ओर से इस्तीफा भी दिया जा चुका है। मेरा मानना है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई ही एक मात्र रास्ता है। हिंदू धर्म और सनातन धर्म के ऊपर कुठाराघात करके राजनीति नहीं करनी चाहिए।

बद्रीनाथ धाम के कर्मचारी पर वित्तीय अनियमितता के मामले में चार सदस्यीय कमेटी गठित करने के मामले पर उन्होंने कहा कि अगर राम मंदिर या बद्रीनाथ धाम के कर्मचारियों पर कुछ आरोप लगे तो ऐसा नहीं है कि हर मंदिरों में इस तरह की गतिविधियां हो रही हो। एक चश्मा लगाकर देखने वालों को समझना चाहिए कि यह किसी भी धार्मिक स्थल पर हो सकता है। चर्च और मदरसों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। हिंदू धर्म पर कुठाराघात करने का प्रयत्न गलत है।

राम मंदिर मामले पर अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवाल पर गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष की ओर से बयान दिया गया है, आरएसएस के दत्तात्रेय होसबोले की ओर से भी बयान दिया गया है और भाजपा के प्रवक्ताओं की ओर से भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से इस मामले पर बोला गया है। ट्रस्ट के वरिष्ठ लोगों ने इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा की ओर से भी इस मामले में बयान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से मैं पूछना चाहता हूं कि मुलायम सिंह की सरकार के कार्यकाल के दौरान राम भक्तों पर गोली चलाई गई, अब राम मंदिर मामले पर उनको इस तरह की चिंता दिखाना केवल राजनीति से प्रेरित है। इन्होंने अपनी सरकार के समय राम मंदिर को लेकर पहल क्यों नहीं की?

--आईएएनएस

एसडी/एएस