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राम मंदिर चढ़ावा मामले में लीपापोती नहीं चलेगी, उच्चस्तरीय जांच हो: राकेश सिन्हा

 

रांची, 3 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, तमिलनाडु के विधायक खरीद-फरोख्त मामले, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान और जमशेदपुर की हालिया घटना सहित कई मुद्दों पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए और जनता के विश्वास से जुड़े हर सवाल का पारदर्शी तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर उन्होंने कहा कि मामले में जांच शुरू हो चुकी है और पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला को रिमांड पर लिया है,+- लेकिन केवल औपचारिक जांच से काम नहीं चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। राम मंदिर चढ़ावा मामले में लीपापोती नहीं चलेगी।

राकेश सिन्हा ने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है। उनके मुताबिक यदि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का विश्वास प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच केवल एसआईटी तक सीमित रहती है तो लोगों के मन में सवाल बने रहेंगे। इसलिए पूरी पारदर्शिता के साथ यह पता लगाया जाना चाहिए कि इस कथित चोरी का मास्टरमाइंड कौन है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र का समर्थन करते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि यह सिर्फ एक नेता का पत्र नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस विषय पर अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। उनके अनुसार यह भगवान श्रीराम की मर्यादा और करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है।

अमरनाथ यात्रा पर बोलते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि बाबा बर्फानी की यात्रा करोड़ों सनातनियों की आस्था का प्रतीक है। देशभर से लाखों श्रद्धालु कठिन परिस्थितियों में भगवान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी की यात्रा सुरक्षित, सफल और मंगलमय हो तथा बाबा बर्फानी की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे।

पंजाब कांग्रेस की नई समिति में वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी को जगह नहीं मिलने पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में समय-समय पर जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण होता रहता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी नेता को बाहर करने की राजनीति नहीं करती, बल्कि संगठन की जरूरत के अनुसार नई जिम्मेदारियां तय करती है। उनके मुताबिक, संगठन में बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है और इसे किसी व्यक्ति की अनदेखी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

तमिलनाडु में कथित विधायक खरीद-फरोख्त के मामले पर राकेश सिन्हा ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में सत्ता हासिल करने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रभावित करने की राजनीति की गई है। उन्होंने कहा कि विधायक, सांसद और राजनीतिक दलों में टूट कराने जैसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा हैं। उनके अनुसार, इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं और जनता के जनादेश का अनादर करती हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त की जम्मू-कश्मीर यात्रा और चुनावी प्रक्रिया को अधिक मजबूत बनाने की पहल पर उन्होंने कहा कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी होना हर राजनीतिक दल की मांग है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता तभी बनी रहेगी जब सभी दलों को समान अवसर और निष्पक्ष माहौल मिलेगा।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जिसमें विभाजन के बाद भारत आए लोगों को शरणार्थी नहीं बल्कि संघर्ष के योद्धा बताया गया था। राकेश सिन्हा ने कहा कि यदि ऐसा है तो भाजपा नेताओं को भी अपने राजनीतिक बयानों में उसी भावना का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सरकार और भाजपा नेतृत्व को अपना स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत को पीएम मोदी को पत्र लिखकर यह बताना चाहिए कि ये लोग योद्धा हैं और इन पर किसी भी तरह का प्रश्न उचित नहीं है।

महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के संभावित विलय की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले संबंधित दलों का शीर्ष नेतृत्व करता है और इस पर अंतिम निर्णय वही करेगा। फिलहाल इस तरह की अटकलों पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

जमशेदपुर में भाजपा द्वारा किए गए बंद के आह्वान पर राकेश सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार ने घटना के बाद तेजी से कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार की सहायता, आरोपियों की गिरफ्तारी, संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई और बार के लाइसेंस रद्द करने जैसी प्रक्रियाएं शुरू की गई हैं। उनके अनुसार ऐसे मामलों में राजनीति करने के बजाय न्याय सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी