राम मंदिर चढ़ावा चोरी और जमीन सौदों पर सपा सांसदों का प्रदर्शन, संसद में चर्चा की मांग
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। संसद परिसर में समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर अन्य विपक्षी दलों के सांसदों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, अवधेश प्रसाद और अन्य नेताओं ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे, दान और भूमि खरीद में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच अब तक पूरी नहीं की गई है।
सपा सांसद डिंपल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दो वर्ष पहले इस मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी, लेकिन उसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि जांच समिति के पास सभी तथ्य और साक्ष्य मौजूद थे, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपए की जमीनों की खरीद-फरोख्त में भारी मूल्य अंतर देखा गया। 2 करोड़ रुपए की जमीन 16 करोड़ रुपए में और 5 करोड़ रुपए की जमीन 23 से 30 करोड़ रुपए तक में खरीदी गई। इस अतिरिक्त राशि का लाभ आखिर किसे मिला और यह पैसा किन खातों में गया।
डिंपल यादव ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था और देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय है। इसलिए मंदिर के नाम पर लोगों द्वारा श्रद्धा से दिए गए चढ़ावा और दान का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उनकी पार्टी नहीं चाहती कि लोगों की धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल किसी संगठन या संस्था को चलाने के लिए किया जाए। जनता ने जिस विश्वास के साथ दान दिया है, उसका सही उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए।
सपा सांसद ने आरोप लगाया कि कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से आम जनता में नाराजगी है और विपक्ष केवल इस मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहता है, लेकिन सरकार इस पर चर्चा कराने से बच रही है। यह देश के लोगों का पैसा है और अब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कथित रूप से कितनी राशि की हेराफेरी हुई है। उन्होंने इसे देश की धरोहर से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकार से तत्काल और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
डिंपल यादव ने यह भी कहा कि सवाल केवल दान राशि का नहीं है, बल्कि मंदिर को मिली धातुओं, आभूषणों और भूमि सौदों में हुई अनियमितताओं का भी है। यह जानना जरूरी है कि दान और जमीन से जुड़े करोड़ों रुपए आखिर किसके पास पहुंचे। यदि इस तरह की अनियमितताएं हुई हैं तो इससे देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हुआ है।
वहीं, पटना और मध्य प्रदेश के उपचुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिंपल यादव ने कहा कि नतीजे उत्साहजनक हैं, हालांकि उपचुनाव और आम चुनाव की परिस्थितियां अलग होती हैं। यदि उत्तर प्रदेश में नियमित विधानसभा चुनाव होते हैं तो राजनीतिक तस्वीर अलग हो सकती है। जनता में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है और समाजवादी पार्टी आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है।
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उपचुनाव परिणाम जनता की सरकार के खिलाफ आवाज हैं। उनके अनुसार, जिन लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश की गई और जिन्हें सरकार तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देशद्रोही बताया, वही जनता अब चुनावों के माध्यम से अपना संदेश दे रही है। जब जनता मजबूती से खड़ी होती है तो सरकारें बदल जाती हैं।
--आईएएनएस
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