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राज्यसभा में तरुण चुघ बोले- पंजाब में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजा जा रहे हथियार और मादक पदार्थ

 

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। राज्यसभा में सोमवार को भी हंगामा जारी रहा। विपक्ष की नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने के कुछ देर बाद ही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले राज्यसभा में भाजपा सांसद तरुण चुघ ने पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और नशे के बढ़ते अवैध कारोबार का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती पंजाब में लंबे समय से नशे का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जिसके चलते राज्य के युवा लगातार नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं और अपराध की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है।

चुघ ने कहा कि अपराध और नशे के कारण पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है। उन्होंने अपराध संबंधी वर्ष 2024 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि एक ही वर्ष में पंजाब में मादक पदार्थों से जुड़े 6,060 मामले सामने आए हैं। मादक पदार्थ रखने के मामलों में पंजाब देश में सबसे आगे रहा है।

उन्होंने कहा कि नशे के अत्यधिक सेवन के कारण पंजाब में एक साल में 89 लोगों की मौत हुई, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 106 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में गोलीबारी, झपटमारी और अन्य अपराधों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार न तो नशे पर लगाम लगा पा रही है और न ही अपराध रोकने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब में लगातार हथियार और मादक पदार्थ भेजे जा रहे हैं। चुघ ने कहा कि पंजाब के गांवों और शहरों में नशे का असर गंभीर रूप से दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि आज पंजाब खतरे में है। उन्होंने पंजाब में बढ़ती हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में लगातार हत्याएं हो रही हैं और धमाके हो रहे हैं। उनके मुताबिक, पंजाब के पुलिस थानों पर करीब 21 बम धमाके हो चुके हैं। उन्होंने पंजाब पुलिस मुख्यालय पर रॉकेट लांचर से हुए हमले का भी उल्लेख किया।

चुघ ने कहा कि राज्य में हत्या जैसी गंभीर वारदातें लगातार सामने आ रही हैं और अखबार अपराध की खबरों से भरे पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है और इसके चलते राज्य में माफिया का प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने जेलों की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज पंजाब की जेलें स्टूडियो बन चुकी हैं।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके