राज्यसभाः राष्ट्र-गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 पर विचार का प्रस्ताव
नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर 2 बजे फिर से शुरू हुई। कार्यवाही प्रारंभ होने पर विपक्ष के हंगामे के बीच कुछ देर के लिए सदन का कामकाज चला। इसी दौरान गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राष्ट्र-गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विचार और पारित करने का प्रस्ताव किया। इस पर चर्चा नहीं हो सकी और शोरगुल के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
यह प्रस्ताव पेश करते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि वे प्रस्ताव रखते हैं कि राष्ट्र-गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन करने वाले इस विधेयक पर सदन विचार करे। हालाँकि इसके साथ ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। कुछ सांसदों ने अपना विरोध भी दर्ज कराया। इसपर आसन पर मौजूद उपसभापति ने कहा कि कई दिनों से इस विधेयक पर चर्चा टल रही है और अब इसे विचारार्थ लिया जाए। हालाँकि सदन में जारी शोर कम नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा में रखा गया यह विधेयक राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान 'जन गण मन' जैसा वैधानिक दर्जा व सुरक्षा प्रदान करता है। यानी यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत वंदे वन्देमातरम् का अपमान करता है तो उसके खिलाफ कड़ी करवाई की जा सकती है और कानून के अंतर्गत उसे दंडित किया जा सकता है। सदन मे कुछ विपक्षी दलों द्वारा इस विधेयक का विरोध किया जा रहा है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सदस्य डॉ. जॉन ब्रिटास ने राष्ट्रगौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 का विरोध करते हुए कहा है कि संसद सामान्य कानून के जरिए किसी संवैधानिक घोषणा को दोबारा नहीं लिख सकती। गौरतलब है कि अब तक संसद के मानसून सत्र में दोनों सदनों की कार्यवाही में लगातार अवरोध बना हुआ है। यह मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह है और अभी भी हंगामा जारी है।
सोमवार को संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही हंगामा शुरू हो गया जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही पहले 12 बजे और फिर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। लेकिन दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी यही हाल बने रहे और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 3 व लोकसभा की कार्यवाही 5 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
--आईएएनएस
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