राजौरी में एलजी की पदयात्रा, ‘नशामुक्त जम्मू-कश्मीर’ अभियान को तेज करने का आह्वान
श्रीनगर, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ‘नशामुक्त जम्मू-कश्मीर’ अभियान के तहत शनिवार को राजौरी में आयोजित पदयात्रा में हिस्सा लिया और लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया।
इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सीमावर्ती जिला राजौरी काफी संवेदनशील है, जहां सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी का खतरा बना रहता है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन इन चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नशे के कारोबार को खत्म कर समाज को इससे मुक्त कराया जाएगा।
उपराज्यपाल ने बताया कि 11 अप्रैल से जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू संभाग में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत 11 से 15 अप्रैल के बीच 45 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं, 63 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि अब स्कूलों, दवा दुकानों और दवा एजेंसियों में भी नियमित जांच की जा रही है और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
अपने संबोधन में मनोज सिन्हा ने कहा कि हर लड़ाई सीमाओं पर नहीं लड़ी जाती, बल्कि कुछ लड़ाइयां समाज के भीतर भी चलती रहती हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जम्मू-कश्मीर के कई परिवार नशे की समस्या से जूझ रहे हैं और इस वजह से कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। उन्होंने नशे की लत को केवल व्यक्तिगत कमजोरी नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर खतरा बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि 11 अप्रैल को जम्मू के एमए स्टेडियम से 100 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य नशीले पदार्थों के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी देश नशीले पदार्थों की तस्करी के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा देता है और भारत को कमजोर करने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर काम करना होगा।
उपराज्यपाल ने जोर देकर कहा कि इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रोकथाम है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं तक नशा पहुंचने से पहले ही उन्हें जागरूक करना जरूरी है। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों, खेल मैदानों और सामुदायिक केंद्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि युवाओं में आत्मसम्मान और सही दिशा की भावना विकसित हो सके।
उन्होंने पुलिस और अन्य एजेंसियों से अपील की कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यह दूसरों के लिए उदाहरण बन सके। उन्होंने कहा कि कोई भी अपराधी बचना नहीं चाहिए और जो लोग युवाओं का भविष्य खराब कर रहे हैं, उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन ने एक मानक संचालन प्रक्रिया भी तैयार की है, जिससे मामलों में तेजी से कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
इस मौके पर उपराज्यपाल ने लोगों को नशा विरोधी शपथ भी दिलाई और ‘राजौरी प्रीमियर लीग’ तथा ‘राजौरी फुटबॉल क्लब’ की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया।
--आईएएनएस
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