राजीव गांधी जयंती पर कांग्रेस नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, पंचायती राज और आईटी क्रांति में योगदान को किया याद
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर गुरुवार को कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने दिल्ली स्थित वीर भूमि पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर पार्टी ने राजीव गांधी के विजन और योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल देश के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।
कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वीर भूमि पहुंचकर राजीव गांधी को पुष्प अर्पित किए। उनके साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे। राहुल गांधी ने भी अपने पिता, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती पर कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी के दूरदर्शी फैसलों को याद किया। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा, "राजीव गांधी का राजनीतिक कार्यकाल छोटा था, लेकिन उनका योगदान बहुत बड़ा था। उन्होंने कई क्रांतिकारी कदम उठाए, जिनमें पंचायती राज, आईटी क्रांति और वोटिंग की उम्र घटाकर 18 साल करना शामिल है। अगर राजीव आज हमारे बीच होते तो हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नंबर वन होते।"
वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सिर्फ औपचारिकता न निभाएं। उन्होंने कहा, "आज जो लोग यहां आए हैं, उनसे मेरी गुजारिश है कि वे सिर्फ 'परिक्रमा' करने के बजाय यह पढ़ें कि राजीव जी ने क्या कहा था, इस देश की यात्रा के लिए उनका विजन क्या था और उन्होंने देश के चरित्र के बारे में हमें क्या बताया था। जब तक हम उन बातों को ध्यान में नहीं रखेंगे, तब तक पीएम मोदी से लड़ना बहुत मुश्किल होगा।"
कांग्रेस नेता उदित राज ने भी राजीव गांधी को याद किया। उन्होंने कहा, "आज हम राजीव गांधी और उनके आदर्शों को याद कर रहे हैं। उनकी याद में यहां हजारों लोग जमा हुए हैं। उनके कार्यकाल में देश का कंप्यूटराइजेशन और जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण पहल की गईं। राजीव गांधी ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए बहुत कुछ किया और उनके उत्थान के लिए काम किया।"
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "हमारे लिए यह प्रेरणा का दिन है और यह जगह भी प्रेरणा का स्रोत है। जब भी हम यहां आते हैं, तो नई ऊर्जा के साथ लौटते हैं। अगर राजीव आज जीवित होते, तो इस देश का इतिहास बदल गया होता, इस देश का भविष्य बदल गया होता, इस देश की किस्मत बदल गई होती। यह हमारा दुर्भाग्य है कि बहुत कम उम्र में ही वे हमें छोड़कर चले गए।"
कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय ने कहा, "राजीव गांधी की जयंती एक आशीर्वाद की तरह है। उन्होंने आधुनिक भारत का सपना देखा और 18 साल की उम्र में वोट देने का अधिकार देकर युवाओं को सशक्त बनाया। उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके अधिकारों को मजबूत करने का भी काम किया, जिसकी झलक आज ग्रामीण महिलाओं की तरक्की में दिखती है। ठीक जब वे पूरी तरह परिपक्व हो गए थे और देश का नेतृत्व करने में सक्षम थे, तभी कुदरत ने उन्हें हमसे छीन लिया। उनके बलिदान और उनकी कमी की भरपाई कभी नहीं हो सकती।"
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि राजीव गांधी ने देश को कंप्यूटर क्रांति, पंचायती राज कानून और 18 साल में वोटिंग का अधिकार दिया। उन्होंने कहा, "हम राजीव गांधी द्वारा दिखाए गए रास्ते पर आगे बढ़ने और देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
--आईएएनएस
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