बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर राजस्थान ने बनाया शिक्षा में विश्व रिकॉर्ड
राजस्थान के शिक्षा विभाग ने बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रदेश के 72,648 सरकारी स्कूलों में मेगा पीटीएम (पैरेंट-टीचर मीटिंग) का आयोजन किया। इस मेगा पीटीएम में सवा करोड़ से अधिक लोग शामिल हुए, जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक शामिल थे। इस आयोजन ने न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर भी नए रिकॉर्ड स्थापित किए।
विशेष रूप से, मेगा पीटीएम में 65,82,578 अभिभावकों ने भागीदारी कर आंध्रप्रदेश के पहले रिकॉर्ड 52,34,863 अभिभावकों की भागीदारी को तोड़ दिया। इस अवसर पर सरकारी स्कूलों में 1,26,29,237 विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
इस मौके पर आयोजित निपुण मेला भी रिकॉर्ड बनाने वाला रहा। राज्य के 11,428 राजकीय विद्यालयों में इस मेले में 20,80,478 लोगों ने सहभागिता निभाई, जिसमें 6,17,750 अभिभावक शामिल थे। मेले में विद्यार्थियों और अभिभावकों ने कृष्ण भोग ग्रहण कर 50,50,506 लोगों के साथ विश्व रिकॉर्ड भी बनाया गया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच शिक्षा के प्रति जागरूकता और सहभागिता बढ़ाना था। उन्होंने कहा कि यह मेगा पीटीएम और निपुण मेला शिक्षा में सहभागिता और समग्र विकास को बढ़ावा देने का एक अभूतपूर्व प्रयास है।
राज्य सरकार ने इस अवसर पर प्रशिक्षण सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों की प्रतिभा प्रदर्शन का भी आयोजन किया। इस प्रकार, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच शैक्षणिक सहयोग और सामूहिक उत्साह को बढ़ावा मिला।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के आयोजन न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास, अभिभावक और शिक्षक के बीच बेहतर संवाद और स्कूल की समग्र पारदर्शिता को भी मजबूत करते हैं।
राजस्थान सरकार की यह पहल यह साबित करती है कि सामूहिक सहभागिता और जागरूकता से शिक्षा क्षेत्र में रिकॉर्ड और उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर यह कार्यक्रम राजस्थान के शैक्षणिक इतिहास में एक मील का पत्थर बन गया है।