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कांग्रेस के शासनकाल में राजस्थान में पेपर लीक के कई मामले सामने आए : जोगाराम पटेल

 

जयपुर, 19 अगस्त (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने पेपर लीक, राजस्थान विधानसभा सत्र, निकाय चुनाव और कांग्रेस नेताओं के वंदे मातरम को लेकर दिए बयानों सहित कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई की नीति पर काम कर रही हैं।

आईएएनएस से बातचीत में जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में राजस्थान में भी पेपर लीक के कई मामले सामने आए। जिन राज्यों में आज कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां भी ऐसी घटनाएं हुई हैं। हाल ही में दो राज्यों में पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखी गई, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता इस पर कुछ नहीं कहते। क्योंकि, उन्हें छात्रों से जुड़ा हित सिर्फ उन राज्यों में दिखाई देता है, जहां उनके स्वार्थ की पूर्ति होती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस मुद्दे को गंभीरता से लिया गया है और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाया गया है। भाजपा सरकार की नीति इस तरह की अनियमितताओं के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। राजस्थान में करीब 400 परीक्षाएं आयोजित की गईं और उनमें से कोई भी परीक्षा संदिग्ध दायरे में नहीं आई। मुख्यमंत्री ने पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराने का जो संकल्प लिया है, उसमें सरकार सफल हो रही है।

राजस्थान विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर विपक्ष की आलोचना पर जोगाराम पटेल ने कहा कि विधानसभा के इतिहास और कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कामकाज के दिनों की तुलना की जाए तो मौजूदा सरकार ने अधिक दिनों तक काम किया है।

उन्होंने कहा कि सत्र शुरू होने से पहले ही इस तरह के आरोप लगाना विपक्ष की छोटी सोच को दर्शाता है। सत्र कितने दिन चलेगा और उसमें कौन-कौन से विधायी कार्य होंगे, इसका फैसला बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में किया जाता है। बीएसी की बैठक से पहले आरोप लगाना यह दर्शाता है कि शायद विपक्ष गंभीरता से विधानसभा की कार्यवाही में भाग नहीं लेना चाहता।

मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास कार्य किए हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की ताकत पर भरोसा जताते हुए कहा कि भाजपा आगामी निकाय चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है।

इसी बीच, एनटीए से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि केंद्र सरकार पारदर्शिता के साथ काम करने पर जोर देती है। बच्चों और युवाओं का भविष्य, अवसर और योग्यता सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। ‘विकसित भारत’ के विजन में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए उचित सहयोग और अवसर मिलना जरूरी है। प्रधानमंत्री युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर हैं और सरकार उनके लिए लगातार काम कर रही है।

कांग्रेस नेताओं के ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े बयानों पर उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् सभी का है और हर किसी को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर अपमानजनक रवैया अपनाया है।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम