राजस्थान: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, मानदेय बढ़ाने और पेंशन प्रणाली लागू करने की मांग
राजसमंद, 25 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान के राजसमंद जिले में पिछले कई वर्षों से चली आ रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।
भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता और सहायिकाएं बुधवार को राजसमंद कलेक्ट्रेट पहुंचीं। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनसे आधा दर्जन सरकारी विभागों का काम करवाया जाता है, लेकिन सुविधाओं और संसाधनों के नाम पर कुछ भी नहीं दिया जा रहा। उन्हें केवल 4,500 रुपए दिया जाता है, जबकि रिटायरमेंट होने पर पेंशन की भी कोई व्यवस्था लागू नहीं है। इस संबंध में कई बार सरकार से भी मांग की गई है, लेकिन सरकार ने अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया।
जिसकी वजह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का शोषण हो रहा है। अब इन कार्यकर्ताओं ने आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। उन्होंने अंतिम चेतावनी देते हुए सरकार से मांग की है कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाए वरना एकजुट होकर आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लगा दिया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कविता बैरागी ने कहा कि हमलोग कलेक्ट्रेट में इसलिए एकत्रित हुए हैं कि हमको परमानेंट किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें मानदेयकर्मी की जगह स्थाई किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें अन्य विभागों के काम भी सौंपे जाते हैं। हमारी नौकरी की कोई टाइम नहीं है। उन्होंने कहा कि साढ़े चार हजार में एक महिला अपने परिवार का गुजारा कैसे करेगी?
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजू कंवर ने कहा कि जो बजट पास हुआ था, उसमें सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सबसे पीछे रखा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए सरकार कुछ भी नहीं सोच रही है। हमारे साथ सरकार अत्याचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हमारा न्यूनतम मानदेय 18 हजार करे या फिर हमें वेतनकर्मचारी घोषित करे। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट के बाद हमें पेंशन दी जाए। हमारी सरकार से यही मांग है।
--आईएएनएस
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