देश के कई राज्यों में बारिश बनी आफत, दो मिनट के वीडियो में जानें उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से बुजुर्ग की मौत, बिहार में 14 जिलों में बाढ़
देश के कई राज्यों में मानसून की बारिश अब आफत बनती जा रही है। उत्तराखंड में पहाड़ों से चट्टानें गिरने और लैंडस्लाइड की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन के बाद यात्रा रोक दी गई है। वहीं बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 48 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
केदारनाथ में लैंडस्लाइड से बुजुर्ग की मौत
उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में रविवार को बड़ा हादसा सामने आया। चीरबासा हेलिपैड के पास पहाड़ से अचानक चट्टानें गिरने से 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी लैंडस्लाइड होने के बाद यात्रा रोक दी गई है। भीमबली से केदारनाथ के बीच करीब 1,000 यात्री फंसे हुए हैं। इनमें कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। खराब मौसम और रास्ते में मलबा आने के कारण यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
बिहार में 14 जिलों के 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में
बिहार में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का संकट गहरा दिया है। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ की चपेट में आने से 48 लाख से ज्यादा लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य की आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई इलाकों में जलभराव और आवागमन की समस्या बनी हुई है।
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने का असर जल परिवहन पर भी पड़ा है। कोलकाता से वाराणसी जा रहा राजमहल क्रूज भागलपुर में छह दिनों से फंसा हुआ था। रविवार को क्रूज पर सवार 9 विदेशी समेत 11 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण राहत कार्य रहा।
राजस्थान में 36 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
राजस्थान में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 36 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम का असर 16 सितंबर तक रहने का अनुमान है। इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में तीन मानसूनी सिस्टम एक्टिव
मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में तीन मानसूनी सिस्टम एक्टिव बताए जा रहे हैं। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम के बदले मिजाज के बीच प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
देश के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में बाढ़ के खतरे के बीच लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।