6 राज्यों में बारिश का अलर्ट, हिमाचल-जम्मू-कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी; बिहार में 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
देश के कई हिस्सों में मानसून अभी भी सक्रिय बना हुआ है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत छह राज्यों में गुरुवार को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड के कई ऊंचाई वाले इलाकों में भी हल्की बर्फबारी और ओलावृष्टि हुई है। दूसरी ओर बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और राज्य के करीब 50 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में गुरुवार सुबह मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। रोहतांग, भरमौर और मनाली के पहाड़ों पर करीब एक से डेढ़ इंच तक बर्फबारी हुई। आमतौर पर इन इलाकों में अक्टूबर के मध्य यानी करीब 15 अक्टूबर के आसपास बर्फबारी शुरू होती है, लेकिन इस बार सितंबर में ही बर्फ गिरने से मौसम में बदलाव साफ नजर आया है। अचानक हुई बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है।
जम्मू-कश्मीर में भी सीजन की पहली बर्फबारी देखने को मिली। बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी में पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर दिखाई दी। बर्फबारी के कारण यहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए मौसम का यह बदलाव आकर्षण का कारण भी बना है।उत्तराखंड में भी ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने करवट ली। केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और चमोली में ओलों के साथ हल्की बर्फबारी हुई। वहीं देहरादून में गुरुवार सुबह तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर दोबारा लैंडस्लाइड होने से आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बनी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के बीच भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।
मैदानी राज्यों में भी बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत छह राज्यों में गुरुवार को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के चलते निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।बिहार में बाढ़ की स्थिति सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 50 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ से प्रभावित है। इसके अलावा 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बाढ़ और बारिश का असर बिहार की ग्रामीण सड़कों पर भी पड़ा है। राज्य में 700 से ज्यादा ग्रामीण सड़कें पानी में डूबी थीं। इनमें 100 से अधिक सड़कें पूरी तरह बह गईं, जबकि करीब 400 सड़कें 50 प्रतिशत से ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई हैं। लगभग 200 अन्य सड़कें भी नुकसान की चपेट में हैं। इससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और राहत एवं बचाव कार्यों में भी मुश्किलें बढ़ी हैं।कुल मिलाकर देश के कई हिस्सों में मानसून का असर अभी बना हुआ है। एक ओर पहाड़ों पर सितंबर में ही बर्फबारी शुरू हो गई है, तो दूसरी ओर मैदानी इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ से लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन और लोगों की नजर बनी रहेगी।