राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, वीडियो में जाने पैलेट गन और सादे कपड़ों में लाठीचार्ज करने वालों पर उठाए सवाल; शिक्षा सुधार को लेकर CJP की 5 बड़ी मांगें
छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों से संवाद करने के बजाय सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए। वहीं, प्रदर्शन समाप्त होने के बाद क्रांतिकारी जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर देश की परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पांच अहम मांगें रखीं।
पैलेट गन चलाने के आदेश पर राहुल के सवाल
राहुल गांधी ने अपने पत्र में गृह मंत्री अमित शाह से दो सीधे सवाल पूछे। पहला, प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? उन्होंने पूछा कि यदि यह आदेश गृह मंत्रालय की ओर से नहीं दिया गया, तो इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी या एजेंसी की थी। दूसरा सवाल सादे कपड़ों में मौजूद उन लोगों को लेकर था, जिन्होंने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। राहुल ने पूछा कि वे लोग पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक (वॉलंटियर्स), और उनकी तैनाती किसके निर्देश पर की गई थी।
"बातचीत की जगह बल प्रयोग किया गया"
राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत करने के बजाय सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में सैकड़ों छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि कई प्रदर्शनकारियों के निजी अंगों को जानबूझकर निशाना बनाया गया।उन्होंने 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब का भी जिक्र करते हुए कहा कि कार्रवाई के दौरान उसकी एक आंख की रोशनी चली गई, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है।
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन हुआ समाप्त
दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्रांतिकारी जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन अब समाप्त हो चुका है। शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन के अगले चरण को लेकर पार्टी नेताओं ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की।
शिक्षा सुधार के लिए रखीं 5 प्रमुख मांगें
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने जेपी नड्डा के सामने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें शामिल हैं:
- पेपर लीक मामलों में दोषियों के लिए कम से कम 10 वर्ष की सख्त सजा।
- पेपर लीक में शामिल आरोपियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान।
- परीक्षा प्रणाली की निगरानी के लिए नए नेशनल टेस्टिंग कमीशन का गठन।
- भर्ती और परीक्षा संस्थाओं की स्वतंत्र कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना।
- पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू करने के लिए व्यापक सुधार।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज
राहुल गांधी के पत्र और CJP की मांगों के बाद छात्र आंदोलन का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। अब सभी की नजर गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली को लेकर उठी मांगों पर सरकार आगे क्या कदम उठाती है।