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राहुल गांधी ने महाराष्ट्र CM को लिखा पत्र, वीडियो में जाने आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल पर जताई चिंता; फडणवीस से मिलने की अपील

 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर राज्य के आदिवासी छात्रों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की अपील की। राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि आदिवासी छात्र सरकारी हॉस्टल में रहने की आयु सीमा और कथित अपमानजनक नियमों के विरोध में पिछले 10 दिनों से अधिक समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है।

राहुल गांधी ने पत्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया कि वे प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें और उनकी समस्याओं को समझें। उन्होंने कहा कि लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता है और सरकार को मामले का जल्द समाधान निकालना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आदिवासी समुदाय के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सरकारी सुविधाओं और सहायता की आवश्यकता होती है। ऐसे में हॉस्टल से जुड़े नियमों के कारण यदि छात्रों को परेशानी हो रही है, तो सरकार को उनकी बात सुनकर समाधान निकालना चाहिए।

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बताया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग सरकारी छात्रावासों में रहने की आयु सीमा से जुड़ी है। छात्रों का आरोप है कि उम्र से संबंधित नियमों के कारण कई आदिवासी विद्यार्थियों को सरकारी हॉस्टल की सुविधा से बाहर किया जा रहा है। इसके अलावा वे हॉस्टल में लागू कुछ नियमों को अपमानजनक बताते हुए उनमें बदलाव की मांग कर रहे हैं।

छात्र पिछले 10 दिनों से अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं। लंबे समय तक भोजन नहीं करने के कारण प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया है।

राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार छात्रों की मांगों को केवल प्रशासनिक मुद्दे के रूप में न देखे, बल्कि उनके भविष्य से जुड़े विषय के तौर पर विचार करे। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्रों को बेहतर शिक्षा और रहने की सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

राहुल गांधी के पत्र के बाद अब इस मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार के रुख पर नजर है। मुख्यमंत्री फडणवीस की ओर से छात्रों से मुलाकात या सरकार की तरफ से कोई ठोस निर्णय सामने आने पर आंदोलन की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल जारी है। लंबे समय से चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए विपक्ष ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। अब देखना होगा कि महाराष्ट्र सरकार छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है और उनकी भूख हड़ताल खत्म कराने के लिए क्या कदम उठाती है।