मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी का बड़ा बयान, वीडियो में बोले- ताकत के नाम पर हिंसा स्वीकार नहीं
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विक्रम सिंह की मौत को लेकर चिंता जताई और कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी पहचान या उसके मूल स्थान के आधार पर निशाना बनाया जाना बेहद गंभीर मामला है। राहुल गांधी ने कहा कि एक युवा की हत्या अपने आप में बड़ी त्रासदी है, लेकिन जब किसी व्यक्ति के साथ उसकी पहचान और वह कहां से आया है, इस आधार पर हिंसा की जाती है तो यह चिंता को और बढ़ा देता है।
‘विक्रम को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे मणिपुर से थे’
राहुल गांधी ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कहा कि चोंगथम विक्रम सिंह को कथित तौर पर सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे मणिपुर से आते थे। उन्होंने कहा कि समाज में किसी व्यक्ति की पहचान उसके खिलाफ हिंसा का कारण नहीं बननी चाहिए।उन्होंने कहा कि किसी युवा की जान जाना बेहद दुखद है। इसके साथ ही किसी व्यक्ति को उसकी पहचान या उसके क्षेत्र के आधार पर निशाना बनाया जाना ऐसी प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है, जिस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
दिल्ली में हुई थी 54 वर्षीय संगीतकार की मौत
जानकारी के मुताबिक, 6 सितंबर को दिल्ली में 54 वर्षीय मणिपुर मूल के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से ही इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में घटना में हुई हिंसा को प्रमुख मुद्दा बनाया।उन्होंने कहा कि यह सवाल अलग है कि विक्रम की हत्या हुई या नहीं, लेकिन घटना में हिंसा जरूर हुई। उनके मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम में हिंसा, नफरत और अहंकार दिखाई देता है।
‘ताकतवर होने का मतलब हिंसा करने का अधिकार नहीं’
राहुल गांधी ने कहा कि आजकल समाज में एक ऐसी सोच बनती जा रही है कि यदि कोई व्यक्ति ताकतवर है तो वह दूसरे व्यक्ति के खिलाफ हिंसा कर सकता है। उन्होंने इस रवैये को गलत बताते हुए कहा कि किसी की ताकत या प्रभाव उसे हिंसा करने का अधिकार नहीं देता।उन्होंने कहा कि कानून और समाज दोनों के स्तर पर इस तरह की सोच को स्वीकार नहीं किया जा सकता। किसी कमजोर व्यक्ति के खिलाफ ताकत का इस्तेमाल करना न्यायसंगत नहीं हो सकता।
पहचान के आधार पर हिंसा पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में पहचान आधारित हिंसा के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के साथ सिर्फ इसलिए भेदभाव या हिंसा नहीं होनी चाहिए क्योंकि वह किसी विशेष राज्य, क्षेत्र या समुदाय से आता है।चोंगथम विक्रम सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए राहुल गांधी ने उनके परिवार और करीबियों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं सिर्फ एक परिवार को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि समाज में डर और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती हैं।विक्रम सिंह की मौत के मामले में राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब घटना को लेकर पहचान, क्षेत्रीय भेदभाव और हिंसा जैसे मुद्दों पर चर्चा तेज है। अब इस मामले में जांच और आगे की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।