राहुल गांधी कुछ भी बोलते रहें, ब्रिक्स समिट रही सफल, नॉनवेज वाले बयान पर रामदास आठवले का पलटवार
मुरादाबाद, 13 सितंबर (आईएएनएस)। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और राहुल गांधी द्वारा 'नॉनवेज' को लेकर दिए गए बयान पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस समिट में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए थे और इसके बाद एक साझा बयान भी जारी किया गया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
रामदास आठवले से जब राहुल गांधी के 'नॉनवेज' वाले बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नॉनवेज खाते होंगे, लेकिन यह मामला नॉनवेज से जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी देशों के प्रमुखों ने एक-दूसरे के सहयोग और आपसी समर्थन पर जोर दिया है। उनके अनुसार यह सम्मेलन सफल रहा है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कुछ भी बोलते रहें, लेकिन यहां किसी भी तरह का नॉनवेज का विषय नहीं है। दरअसल राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ्रॅार्म एक्स पर लिखा कि जानकारी के लिए बता दें कि 80 प्रतिशत भारतीय मांसाहारी हैं। भारतीय मांसाहारी खाना बहुत स्वादिष्ट होता है और मेरी बहन के छोले-भटूरे भी। राहुल गांधी का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ब्रिक्स समिट के दौरान दिए गए रात्रि भोज के एक दिन बाद आया है, जिसमें विदेशी मेहमानों के लिए वेज खाना परोसा गया था और इसका मेन्यू भी सामने आया था।
रामदास आठवले ने बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद को लेकर कहा कि यह बसपा का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को बार-बार पार्टी से निकाला जा रहा है, इसलिए उन्होंने उन्हें आह्वान किया है कि यदि वे चाहें तो उनके साथ आ सकते हैं।
महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर हो रही बयानबाजी पर भी रामदास अठावले ने प्रतिक्रिया दी है। दरअसल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने एक बयान में कहा है कि गरबा उत्सव किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं होना चाहिए। हालांकि नितेश राणे द्वारा नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों की भागीदारी को प्रतिबंधित करने के लिए विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) को समर्थन देने की बात कही है।
इस पर रामदास अठावले ने कहा कि गरबा को लेकर अमृता फडणवीस और नितेश राणे ने बयान दिया है, लेकिन वह नितेश राणे के बयान से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह अमृता फडणवीस के बयान से सहमत हैं और गरबा पंडालों में सभी का स्वागत होना चाहिए।उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सभी लोगों को मिल-जुलकर और प्रेमपूर्वक रहने का संदेश दिया था, इसलिए समाज में सौहार्द और भाईचारे का वातावरण बनाए रखना चाहिए।
--आईएएनएस
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