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राहुल गांधी को चुनाव आयुक्तों को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया नहीं पता : प्रवीण खंडेलवाल

 

नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री को लेकर केजरीवाल के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राजनीतिक असहमति अपनी जगह है, लेकिन प्रधानमंत्री के लिए जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वह उचित नहीं है।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के लिए जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, उससे अधिक शर्मनाक स्थिति नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की उम्र और पद का सम्मान बनाए रखना जरूरी है। खंडेलवाल ने केजरीवाल के बयान को लेकर उनकी परवरिश पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें इस बारे में आत्ममंथन करना चाहिए।

वहीं, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि उन्हें चुनाव आयुक्तों को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया की जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त या किसी चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना होता है और इसमें संसद की भूमिका होती है। खंडेलवाल ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग वाले बयान की भी आलोचना की।

अखिलेश यादव द्वारा भाजपा सरकार पर मदरसों के साथ भेदभाव के आरोपों पर भी खंडेलवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के बयान से उनकी पार्टी की राजनीतिक सोच स्पष्ट होती है। खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव हर मुद्दे को एक विशेष नजरिए से देखते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की बात करते रहे हैं और सरकार इसी नीति के आधार पर काम कर रही है। खंडेलवाल ने कहा कि सरकार की नीतियों में समाज के सभी वर्गों के विकास और सहभागिता पर जोर दिया जाता है।

उन्होंने यूपीआई को भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र की महत्वपूर्ण नींव बताते हुए कहा कि इसके बढ़ते इस्तेमाल के साथ डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सुरक्षित, मजबूत और दीर्घकालिक रूप से सक्षम बनाए रखना भी जरूरी है। डिजिटल लेनदेन में लगातार वृद्धि के बीच साइबर सुरक्षा और विश्वसनीय भुगतान प्रणाली को लेकर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

--आईएएनएस

एसएके/एबीएम