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राहुल गांधी के कोटा दौरे से नीट की तैयारी कर रहे छात्र होंगे परेशान : भाजपा विधायक गोपाल शर्मा

 

जयपुर, 17 जून (आईएएनएस)। भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजस्थान के कोटा दौरे को लेकर सवाल उठाया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ऐसे वक्त में कोटा आ रहे हैं, जब 21 जून को नीट होने जा रही है। ऐसे में राहुल गांधी यहां पर आखिर क्या संदेश देना चाहते हैं। एक विपक्षी दल होने के नाते आपको किसी भी मुद्दे को उठाने का पूरा अधिकार है। किसी को इससे कोई आपत्ति नहीं है। यहां तक की महात्मा गांधी भी इस बात पर जोर देते हुए कहा करते थे कि विपक्षी दलों को जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने का पूरा अधिकार होना चाहिए। लेकिन, आपको ध्यान रखना होगा कि लड़ाई की जगह और समय क्या है।

भाजपा विधायक ने कहा कि ऐसी स्थिति में राहुल गांधी कोटा के दौरे पर जा रहे हैं। जब कुछ दिनों बाद नीट होने जा रही है। लाखों विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में राहुल गांधी कोटा में जाकर अपने लिए राजनीतिक मंच तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा विधायक ने राहुल गांधी की शिक्षा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को सही मायने में शिक्षा का अनुभव नहीं है। उन्होंने बहुत दर्द भरे माहौल में पढ़ाई की है। उन्होंने जब पढ़ाई की थी, तब दादी इंदिरा गांधी की हत्या और उनके चाचा की दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में मौत हुई। इसी वजह से राहुल गांधी शिक्षा की गंभीरता से वाकिफ नहीं हैं। कांग्रेस के लोग अपनी राजनीति का हिस्सा विद्यार्थियों को बना रहे हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है।

उन्होंने नीट पेपर लीक की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उनके मुताबिक, आत्महत्या करना एक तरह का अपराध है। इसे कोई कानूनी मान्यता नहीं दी गई है। देश के युवाओं को रोजगार के लिए आश्वस्त होना होगा। केंद्र की मोदी सरकार इस दिशा में काम कर रही है। केंद्र सरकार इन कामों को करने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।

भाजपा विधायक ने कहा कि छात्रों को गलत संदेश नहीं देना चाहिए। मैं समझता हूं कि ऐसे लोग समाज के युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने गायत्री मंत्र को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, गायत्री मंत्र भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। हमारे पुष्कर में इस मंत्र का जन्म हुआ। विश्वामित्र ने इस मंत्र की रचना की। इससे विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी। हमारे समय में इससे संकल्प लिया जाता था, जो कांग्रेस के शासनकाल में ही शुरू हुआ था।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम