राहुल गांधी के इंदौर भाषण पर 'झूठ की गूंज' का फैक्ट-चेक दावा, भाजपा नेता विनोद तावड़े ने भी साधा निशाना
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में दिए गए बयान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'झूठ की गूंज' नाम के हैंडल ने फैक्ट-चेक का दावा करते हुए उनके आरोपों को गलत बताया है। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए डीयू छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की जीत को "राष्ट्रवाद की विजय" बताया।
'झूठ की गूंज' हैंडल ने एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी के उस दावे को "झूठा" बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पिछले आठ वर्षों में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में 13 प्रतिशत पद रोक दिए गए और इसके कारण 4.87 लाख पद लंबित हैं।
पोस्ट में दावा किया गया कि 87:13 का फॉर्मूला पिछले आठ वर्षों से लागू नहीं है। इसके मुताबिक, मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग का संबंधित परिपत्र 29 सितंबर 2022 को जारी हुआ था, इसलिए यह पिछले आठ वर्षों की सभी भर्ती प्रक्रियाओं पर लागू नहीं हो सकता।
पोस्ट में यह भी कहा गया कि विवाद 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने के बाद शुरू हुआ, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा। दावा किया गया कि भर्ती पूरी तरह नहीं रोकी गई थी, बल्कि 87 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां जारी रहीं और शेष 13 प्रतिशत पदों के लिए अलग-अलग अंतरिम सूची तैयार की गई थी, ताकि अदालत के अंतिम फैसले के अनुसार नियुक्तियां की जा सकें।
पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि जनवरी 2025 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर 87:13 फॉर्मूले को बरकरार रखा था और विभिन्न भर्तियों में करीब 10 हजार पद इस व्यवस्था से प्रभावित हुए थे, न कि 4.87 लाख एमपीपीएससी पद।
उधर, भाजपा नेता विनोद तावड़े ने एक्स पर लिखा कि "झूठ की गूंज के सामने राष्ट्रवाद की विजय।" उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में तीन सीटों पर एबीवीपी की जीत पर कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
तावड़े ने दावा किया कि डीयू के अधिकांश कॉलेजों में भी एबीवीपी ने सभी पैनलों पर क्लीन स्वीप करते हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि एबीवीपी कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलते हुए छात्रहित में काम करते रहेंगे।
राहुल गांधी के बयान और 'झूठ की गूंज' के दावों पर कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
--आईएएनएस
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