×

राहुल गांधी के द्वारा छात्रों की आवाज के नाम पर "छात्र-प्रपंच" का खेल खेला जा रहा है: मुख्तार अब्बास नकवी

 

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कार्यक्रम की ग्राउंड बुकिंग रद्द होने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज के नाम पर "छात्र-प्रपंच" का खेल खेला जा रहा है, जिसे पूरे देश ने देख लिया है।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि राहुल गांधी को "बकैती और बंडलबाजी के कुंड से बाहर निकलना होगा।" नकवी ने आरोप लगाया कि जब तक राहुल गांधी ऐसी राजनीति में उलझे रहेंगे, तब तक उनकी "खुराफाती सियासत और खुराफाती विरासत" सामने आती रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की आवाज के नाम पर "छात्र-प्रपंच" का खेल खेला जा रहा है, जिसे देश देख चुका है। संभल हिंसा पर पेश की गई रिपोर्ट को लेकर नकवी ने कहा कि समाज के सौहार्द के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की साजिशों और षड्यंत्रों में शामिल रहते हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के बयान पर नकवी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में कुछ मदरसों की "मशरूमिंग ग्रोथ" चिंता का विषय है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मदरसे गलत नहीं हैं और न ही सभी गलत गतिविधियों में शामिल हैं। लेकिन विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में तेजी से खुल रहे कुछ मदरसे कई सवाल और समस्याएं खड़ी करते हैं। नकवी ने कहा कि बड़े और प्रतिष्ठित मदरसों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ऐसे संस्थानों की बढ़ती संख्या अच्छे काम करने वाले मदरसों की छवि पर भी सवाल खड़े करती है।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के द्वारा पीडीए की नई परिभाषा दिए जाने पर नकवी ने कहा कि वे भले ही कितनी भी कोशिश कर लें, और कितनी भी परिभाषा बदल लें, उनकी हार की तस्वीर नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा कि बार-बार प्रयोग करने के बावजूद उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है और आगे भी हार तय है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के 'जेनजी संवाद' कार्यक्रम पर नकवी ने कहा कि आरएसएस समाज के सभी वर्गों के साथ संपर्क, संवाद और समन्वय के लिए जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा गैर-राजनीतिक संगठन बनने के पीछे आरएसएस की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, समावेशी सोच और सर्वस्पर्शी दृष्टिकोण की भूमिका है। नकवी ने कहा कि मोहन भागवत का जेनजी के साथ संवाद भी इसी व्यापक सामाजिक संपर्क अभियान का हिस्सा है।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम