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राहुल गांधी के दिवालियापन को दर्शाता है 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रमः वीरेंद्र सोलंकी

 

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सोलंकी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर तंज कसा।

एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सोलंकी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "अगर मैं इंदौर की भाषा का इस्तेमाल करूं, तो राहुल गांधी का 'पप्पू-पन' दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। 'छात्रों की गूंज' के नाम पर एक फर्जी कार्यक्रम आयोजित करना, लड़कियों से डांस करवाकर भीड़ जुटाने की कोशिश करना, मिमिक्री करना, स्टैंड-अप कॉमेडियन को बुलाना और ऐसा कार्यक्रम करना जिसमें स्टैंड-अप कॉमेडियन देश के प्रधानमंत्री की मां के बारे में अपमानजनक बातें कही जबकि प्रधानमंत्री पूरी दुनिया के सामने भारत का सिर ऊंचा कर रहे हैं। मिमिक्री करने वाले से अधिक मुझे राहुल गांधी की मूर्खता लगती है।"

वीरेंद्र सोलंकी ने कहा, "राहुल गांधी अपने कार्यक्रम में छात्रों के मुद्दों पर बात करने की बजाय मिमिक्री और डांस करवा रहे हैं। अगर राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के हितैषी हैं तो किसी कॉलेज के छात्रों की समस्याओं का समाधान करवाकर दिखाएं। जिस कार्यक्रम में कॉमेडी, डांस और मिमिक्री होगी, वहां छात्रों की समस्याओं पर क्या बात होगी? यह कार्यक्रम राहुल गांधी के दिवालियेपन को दर्शाता है।"

सोलंकी ने कहा, "जाहिर है, जो लोग प्रधानमंत्री का किसी भी तरह से कुछ बिगाड़ नहीं पाए, वे अब उन्हें भावनात्मक रूप से चोट पहुंचाने के लिए उनकी मां को इस मामले में घसीट रहे हैं। जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन और अलग-अलग जगहों पर राहुल गांधी के कार्यक्रमों को देखिए। वे उनकी मां को निशाना बनाते हैं। अगर वे खुद ऐसा नहीं करते, तो मंच पर उनके साथ खड़ा कोई व्यक्ति ऐसा करता है। राहुल गांधी इसे कैसे बर्दाश्त कर सकते थे? अगर किसी ने उनकी मां के बारे में ऐसी बात कही होती, तो क्या वे उस व्यक्ति को मंच से जाने के लिए नहीं कह सकते थे? चाहे भारत माता हों या दुनिया में कहीं भी कोई मां, एक मां के सम्मान का हमेशा मां के तौर पर ही सम्मान किया जाना चाहिए।"

सोलंकी ने कहा, "सिर्फ राहुल गांधी के ही नहीं, कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यक्रम में महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी किया जाता है। एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर महिलाओं के उत्पीड़न के केस दर्ज हैं। कांग्रेस के कई नेताओं पर महिला उत्पीड़पन के केस दर्ज हैं। महिलाओं के बारे में अपशब्द बोलना कांग्रेस नेताओं का चरित्र बन चुका है।"

--आईएएनएस

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