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राहुल गांधी के ‘आपातकाल’ वाले बयान पर भाजपा का पलटवार, अनिल विज बोले- जनता उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती

 

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में आपातकाल जैसी स्थिति लागू कर सकते हैं और एक वर्ष के भीतर वह प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।

राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने उन पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने और राजनीतिक निराशा में ऐसे बयान देने का आरोप लगाया है।

हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब देश की जनता उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेती। मीडिया से बातचीत के दौरान विज ने कहा कि राहुल गांधी के बयानों में निरंतरता नहीं होती और वे अक्सर अलग-अलग समय पर अलग-अलग बातें करते हैं। बार-बार चुनावी पराजय के कारण राहुल गांधी राजनीतिक निराशा का शिकार हो गए हैं और इसी वजह से वे इस प्रकार के बयान दे रहे हैं।

अनिल विज ने कहा कि राहुल गांधी के बयानों का जवाब देना भी आवश्यक नहीं रह गया है, क्योंकि जनता स्वयं उनके दावों और आरोपों का मूल्यांकन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता चुनावी हार से उबर नहीं पाए हैं और इसी कारण वे लगातार विवादित और आधारहीन बयानबाजी कर रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से सत्ता प्राप्त करने में असफल रहे हैं, इसलिए वे देश में अस्थिरता और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भंडारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "राहुल एक खतरनाक आदमी हैं। वह एक अराजक व्यक्ति हैं। राहुल गांधी को यह एहसास हो गया है कि वह देश में लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में नहीं आ सकते और वह जहां भी जाते हैं, देश के युवा और जेनजी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हुए दिखाई देते हैं।"

उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी एक वंशवादी व्यक्ति हैं और सत्ता से दूर नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने भारत के लोकतंत्र के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। जॉर्ज सोरोस के इशारे पर, राहुल गांधी भारत के भीतर अराजकता और लोकतांत्रिक कमी पैदा करना चाहते हैं। राहुल गांधी भारत में अराजकता की कितनी भी इच्छा क्यों न करें, भारत के युवा और भारत के आम लोग राहुल गांधी की इस साजिश के खिलाफ खड़े हैं।

उन्‍होंने कहा कि आज यह साबित हो चुका है कि 99 चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी सीखे नहीं है कि देश की जनता के मन में उनकी मानसिकता और छवि राष्‍ट्र विरोधी नेता के रूप में है। वह बार-बार ऐसे बयान देकर यही स्‍पष्‍ट करते हैं कि वह देश विरोधी नेता हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम