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राहुल गांधी कायर नहीं, भाजपा के खिलाफ सीना तानकर खड़े हैं: हुसैन दलवई

 

मुंबई, 27 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ दिए गए बयान और उसके बाद उनके घर पर हमले की आशंका को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने तल्ख टिप्पणी की। मुंबई में मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी भी तरह का हमला पूरी तरह गलत है और लोकतंत्र में असहमति का जवाब हिंसा नहीं हो सकता।

हुसैन दलवई ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति पर चर्चा की जा सकती है, उनसे मुलाकात कर विचार-विमर्श भी किया जा सकता है, लेकिन राहुल गांधी को कायर कहना गलत और अनुचित है। आज अगर कोई नेता भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ सीना तानकर खड़ा है, तो वह राहुल गांधी हैं। यह बात ध्यान में रखनी चाहिए। शकील अहमद के बयान पर असहमति जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपने शब्दों पर पुनर्विचार करना चाहिए।

जब शकील अहमद के भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर सवाल किया गया, तो हुसैन दलवई ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि नहीं, वह निश्चित रूप से भाजपा में शामिल नहीं होंगे। मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। वह एक सेक्युलर और जोशीले इंसान हैं। मुझे नहीं लगता कि वह भाजपा में जाएंगे।

इसी बातचीत में कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के उस बयान पर भी हुसैन दलवई ने खुलकर समर्थन जताया, जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस में मुसलमानों को नजरअंदाज किया जा रहा है। दलवई ने कहा कि वह इस बात से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मुसलमानों पर बड़े पैमाने पर हमले हो रहे हैं। हर दिन उन्हें अपमानित किया जा रहा है और उनके खिलाफ बयान दिए जा रहे हैं। कांग्रेस और अन्य सेक्युलर पार्टियों को इसके खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। मेरे हिसाब से यह गलत है।

हुसैन दलवई ने आगे कहा कि इसी वजह से कई मुसलमान एआईएमआईएम की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को लेकर भ्रम में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को समझना चाहिए कि ओवैसी की पार्टी भाजपा की बी-टीम है। मुसलमानों को लगता है कि वे उनके साथ खड़े रहेंगे, इसी कारण वे उनके साथ जाते हैं।

चार धाम मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बीकेटीसी (बीकेटीसी) की ओर से लगाए गए प्रतिबंध को लेकर भी हुसैन दलवई ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह फैसला एक छोटे हिंदू राष्ट्र की सोच को दर्शाता है, जो पूरी तरह गलत है। दलवई ने कहा कि पहले वहां मुसलमानों की दुकानें थीं और अब उन्हें वहां जाने से रोका जा रहा है। सवाल यह है कि क्या वे देश के संविधान का सम्मान करते हैं या नहीं। कांग्रेस के लिए भी जरूरी है कि वह ऐसे फैसलों के खिलाफ मजबूती से खड़ी हो।

--आईएएनएस

पीएसके