भोपाल में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर साधा हमला, वीडियो में देखें अमेरिका से देश बेचने का आरोप लगाया
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका के साथ देश बेचने की डील की है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी पर जेफरी एपस्टीन और गौतम अडाणी के मामलों का दबाव है, जिसके कारण उन्होंने भारत और किसानों के महत्वपूर्ण डेटा को अमेरिका के हवाले कर दिया।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहली बार है जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि वे लोकसभा में चीनी घुसपैठ जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे पर चर्चा करना चाहते थे। उन्होंने कहा, "मैं लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ मानवेंद्र सिंह नरवणे की बात उठाना चाहता था। उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि जब चीनी घुसपैठ हुई थी, तो उन्हें भारत की सरकार ने अकेला छोड़ दिया।"
कांग्रेस ने भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई ट्रेड डील के विरोध में भोपाल में किसान चौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल में राहुल गांधी ने कहा कि यह डील देश के हितों के खिलाफ है और किसानों की सुरक्षा एवं भविष्य को नजरअंदाज करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की नीतियां भारत की आर्थिक और सुरक्षा संप्रभुता को खतरे में डाल सकती हैं।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मोदी सरकार की नीतियां केवल कुछ बड़े उद्योगपतियों और विदेशी दबाव समूहों के हितों में काम कर रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से अडाणी ग्रुप और अमेरिका के प्रभाव को लेकर चिंता जताई। राहुल ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि भारत का संवेदनशील डेटा अब विदेशों के हाथ में जा रहा है, जो देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
भोपाल की किसान चौपाल में कांग्रेस नेताओं ने किसानों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं पर चर्चा की। राहुल गांधी ने किसानों को आश्वस्त किया कि कांग्रेस उनकी आवाज़ संसद और सड़क दोनों जगह उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि "हमारा उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं है, बल्कि भारत की जनता और किसानों के हितों को सुरक्षित करना है।"
इस दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मोदी सरकार संवेदनशील मुद्दों पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार कर रही है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के अधिकारों की अनदेखी को गंभीर बात बताया। राहुल के अनुसार, विपक्ष की भूमिका सिर्फ आलोचना तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह सरकार को संतुलित और जवाबदेह बनाने का भी काम करती है।
भोपाल में आयोजित इस किसान चौपाल और राहुल गांधी के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष ने इसे मोदी सरकार पर सीधे दबाव डालने के प्रयास के रूप में देखा है। वहीं, भाजपा नेताओं की ओर से अभी तक इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राहुल गांधी की यह टिप्पणी न केवल आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।