प्रियंका कक्कड़ का राघव चड्ढा पर आरोप, ईडी रेड को लेकर भाजपा पर भी साधा निशाना
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल के घर हुई ईडी की छापेमारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस कार्रवाई के पीछे अपनी ही पार्टी के सांसद राघव चड्ढा की भूमिका होने का दावा किया है।
दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि राघव चड्ढा ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर अशोक मित्तल के खिलाफ ईडी कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप है कि राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा नाराज थे, और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस दिन ईडी ने अशोक मित्तल के घर छापा मारा, उसी दिन राघव चड्ढा को जेड प्लस सुरक्षा भी प्रदान की गई। प्रियंका कक्कड़ ने इस घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने एक साधारण परिवार से आए कार्यकर्ता को राजनीति में आगे बढ़ाकर संसद तक पहुंचाया, लेकिन अब वही व्यक्ति पार्टी के साथ विश्वासघात कर रहा है। उन्होंने राघव चड्ढा को सलाह दी कि वे इस तरह के कदम उठाने से बचें।
प्रेसवार्ता में भाजपा पर निशाना साधते हुए कक्कड़ ने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार लगातार ईडी जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को डराने, जेल में डालने और उनके परिवारों को परेशान करने की रणनीति अपनाई जा रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इन कार्रवाइयों से डरने वाली नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि 'आप' का मुख्य लक्ष्य देश के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त शिक्षा पहुंचाना है, और इस मिशन को कोई भी शक्ति नहीं रोक सकती। भाजपा चाहे जितनी कोशिश कर ले, पार्टी अपने उद्देश्यों से पीछे नहीं हटेगी। प्रियंका कक्कड़ ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के खिलाफ शायद ही कभी ईडी की कार्रवाई होती है, जबकि विपक्षी दलों के नेताओं को लगातार निशाना बनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि कभी किसी भाजपा नेता पर कार्रवाई होती भी है, तो संबंधित अधिकारियों पर ही कार्रवाई कर दी जाती है। इस पूरे घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी के अंदरूनी हालात और राजनीतिक टकराव को उजागर कर दिया है, जिससे आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और सियासी समीकरणों पर असर पड़ सकता है।
--आईएएनएस
पीकेटी/एएमटी