रवींद्रनाथ सोनी पर 1,500 करोड़ की ठगी का मामला, 365 पेज की चार्जशीट दाखिल
रवींद्रनाथ सोनी के खिलाफ कानपुर में 365 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई है। सोनी पर भारत समेत 10 देशों में 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है। इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है, जिसने 46 बैंक खाते और लगभग 45 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा किया है।
चार्जशीट में कुल 24 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें प्रमुख मामला अब्दुल करीम से 42.29 लाख रुपये की ठगी से जुड़ा है। जांच में कई हाई-प्रोफाइल नाम भी सामने आए हैं, जिनमें अभिनेता सोनू सूद जैसे हस्तियों के नाम शामिल हैं। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हस्तियों के नाम सिर्फ जांच में सामने आए हैं और उनके खिलाफ किसी ठगी या अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है।
एसआईटी के अधिकारियों ने बताया कि रवींद्रनाथ सोनी ने अपने नेटवर्क और फर्जी कंपनियों के जरिए बड़ी संख्या में निवेशकों को ठगा। उन्होंने निवेशकों को उच्च रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये अपने खाते में स्थानांतरित किए। चार्जशीट में इस पूरी ठगी की प्रवृत्ति, खातों का विवरण और संपत्ति की जानकारी विस्तार से दर्ज है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय फाइनेंशियल नेटवर्क का उपयोग करना आम है। सोनी के मामले में भी 10 देशों की संपत्ति और खातों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोनी ने कई देशों में कंपनियां और निवेश माध्यम बनाए थे, जिससे उनका कर्ज और ठगी का नेटवर्क फैलाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब कोर्ट के समक्ष कानूनी प्रक्रिया तेज होगी। सभी आरोपियों को नोटिस भेजा जाएगा और कोर्ट में तर्क-वितर्क के बाद सुनवाई आगे बढ़ेगी। एसआईटी ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक सभी बैंक खाते और संपत्ति सील कर दी गई हैं।
स्थानीय और राष्ट्रीय निवेशकों में इस मामले को लेकर चिंता बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश करते समय पूरी तरह जांच करना और कानूनी दस्तावेजों की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। ऐसे बड़े घोटाले से लोगों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता सामने आई है।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि चार्जशीट में 365 पेज का विवरण इस मामले की गंभीरता और जटिलता को दर्शाता है। इसमें सभी लेन-देन, खातों, फर्जी कंपनियों और संपत्ति के दस्तावेज शामिल हैं। इसके आधार पर कोर्ट और जांच एजेंसियां ठोस कार्रवाई कर सकेंगी।
इस मामले में अब जनता की नजर कोर्ट की आगामी सुनवाई पर है। अधिकारियों का कहना है कि जांच और चार्जशीट की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो रही है। सोनी और अन्य आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।