पूर्व कस्टम अफसर की दिनदहाड़े हत्या से लोगों में आक्रोश, आरा-पटना हाईवे किया जाम
आरा, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के आरा में पूर्व कस्टम असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दिए जाने के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश फैल गया है। इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में स्थानीय लोगों और परिजनों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने आरा-पटना नेशनल हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया है, जिसके कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
प्रदर्शनकारी सड़क पर शव रखकर विरोध जता रहे हैं। उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री और कमिश्नर खुद मौके पर आएं और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दें। मौके पर भारी भीड़ जमा है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एमएलसी सोनू राय ने आईएएनएस से बातचीत में इसे बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन से उनकी अविलंब मांग है कि इस हत्याकांड में जो भी शामिल है, चाहे वह किसी भी वर्ग या रसूख का व्यक्ति क्यों न हो, उसकी तुरंत गिरफ्तारी की जाए।
सोनू राय ने भूमि विवाद की बात को खारिज करते हुए कहा, "ऐसे सामाजिक व्यक्ति का क्या विवाद होगा? कुछ लोग भूमि विवाद की बात कह रहे हैं, लेकिन एक रिटायर्ड अफसर जो कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़ा हुआ है, उसका क्या झगड़ा होगा? अगर कोई अपराधी आकर आपकी जमीन पर खड़ा होकर कहे कि यह मेरी जमीन है, तो क्या वह उसकी हो जाएगी?"
उन्होंने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि मृतक ने इससे पहले कई बार पत्राचार के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया था कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने सवाल किया, "प्रशासन कहां सोया हुआ था? प्रशासन हमारे और आपके हिसाब से नहीं, सरकार के इशारे पर चल रहा है। इसका जवाब सरकार को देना होगा।"
राज्य की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए एमएलसी ने कहा, "आप एक भी ऐसा दिन बता दीजिए जब सुबह उठकर अखबार या सोशल मीडिया पर आपराधिक घटना की खबर न मिलती हो। इस सरकार का काम सिर्फ जातिगत उन्माद फैलाना और जातिगत बातें करना रह गया है। जनता का कोई काम नहीं हो रहा है। आपराधिक घटनाएं चरम सीमा पर हैं। सरकार सिर्फ अनर्गल बातें कर लोगों को बहला रही है और असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है।"
धरने को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार की सभी मांगें नहीं मानी जातीं और अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा।
--आईएएनएस
पीआईएम/पीएम