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पूर्व भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, मुस्लिम समाज को किया आगाह

 

कोलकाता, 20 जनवरी (आईएएनएस)। पूर्व भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एसआईआर मतदाता सूची की विंसगितयों को सुधारने के उद्देय से की जा रही है, लेकिन हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि जिन राज्यों में प्रशासनिक रवैया सहयोग्यात्मक रहेगा, वहां भावपूर्ण तरीके से प्रक्रिया संपन्न होगी।

सांसद अर्जुन सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को संपन्न कराने की दिशा में किसी भी प्रकार की मदद शीर्ष स्तर पर नहीं मिल रही है। इसके विपरीत बीएलओ के नाम पर दलाली की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत ही खराब है। यहां पर बीएलओ को मारा जा रहा है। लोगों में कानून व्यवस्था को लेकर बिल्कुल भी डर नहीं है। पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं। इसके बावजूद भी यह दावा किया जा रहा है कि सब कुछ ठीक है। ये दावे पूरी तरह से खोखले साबित हो रहे हैं। इस तरह की स्थिति को पश्चिम बंगाल में किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी के सामने अगर आप इस्लाम धर्म के संबंध में नारे लगाएंगे, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन अगर आप जय श्री राम के नारे लगाएंगे, तो इन लोगों को दिक्कत शुरू हो जाएगी। ये लोग समाज को धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि समाज के लिए अहितकर है। इस तरह की स्थिति को एक सभ्य समाज में किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि जब तक सत्ता की कमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथों में है, तब तक गरीब मुस्लिम समुदाय के लोगों को विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना होगा। ये लोग भाजपा सरकार को नापसंद करते हैं, लेकिन जब सरकार से सुविधा लेने की बात आती है तो इन लोगों को कोई आपत्ति नहीं होती। आज की तारीख में प्रदेश में मुस्लिमों की दुर्गति अपने चरम पर है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं पर हमला किया जा रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आलोचना में एक शब्द भी नहीं बोल रही हैं।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी