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पूरी दुनिया में सस्टेनेबल फाइबर की दिशा में काम हो रहा: गिरिराज सिंह

 

नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को बताया कि मौजूदा समय में कपड़ा क्षेत्र में क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में सस्टेनेबल फाइबर की दिशा में काम हो रहा है, क्योंकि आज आप देख रहे हैं कि बैंकॉक, अमेरिका और भारत जैसे देशों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। मुझे खुशी है कि जितने उद्यमियों ने यहां पर निवेश किया है, भारत में लगभग 78 लाख टन वेस्ट का आंकड़ा है। मुझे लग रहा है कि यह आंकड़ा कम है। 2014 में हम 25 मीटर कपड़ा इस्तेमाल करते थे और आज 50 मीटर टेक्सटाइल इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सब कुछ भारतीयों के द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है तो इस तरह से आगामी दिनों में जो आंकड़े निकलकर सामने आ रहे हैं, उसके तहत 7.8 मिलियन टन के साथ उद्यमी काम कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, पूरी दुनिया में हमारे उत्पाद की आपूर्ति हो रही है। आज कामगार जो काम कर रहे हैं, हम उनकी पारिश्रमिक को न्यूनतम 15 से 20 हजार रुपए निर्धारित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मौजूदा समय में मैं इसी थीम के तहत काम कर रहा हूं। मैं लोगों को प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहा हूं कि आप भी कमाओ और दूसरों को भी कमाने का मौका दो। हमने इस संबंध में पूरी रूपरेखा निर्धारित कर ली है, जिसे जल्द ही जमीन पर उतारा जाएगा।

गिरिराज सिंह ने कहा कि मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि आने वाले दिनों हमारे उत्पाद की आपूर्ति भारत के साथ-साथ दुनियाभर के अन्य हिस्सों में होगी। हम चाहते हैं कि हमारे उत्पाद को पूरी दुनिया में एक नई पहचान मिले। यही आज की थीम है। कल भारत टैक्स की शुरुआत होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी शुरुआत 2024 में की थी, लेकिन खुशी है कि दो ही साल में टैक्सटाइल दुनिया के बेहतरीन इवेंट में तब्दील हो चुका है। हमारे उत्पादों पर विदेशी खरीदारों की निर्भरता बढ़ी है।

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, भारत टैक्स आने वाले दिनों में बहुत बड़े इवेंट में तब्दील हो चुके हैं, जैसे जर्मनी में या अन्य देशों में होता है। भारत टैक्स की शुरुआत अन्य देशों में होने जा रही है। मैं सभी लोगों से यही कहना चाहूंगा कि वो दिल्ली हार्ट में आए और देखें कि कैसे सस्टेनेबल फैब्रिक आपके जीवन को बदल सकता है।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी