'पूरा पैसा दिया फिर भी बुनियादी सुविधा तक नहीं,' सिक्का बिल्डर्स के ऑफिस के बाहर निवासियों का प्रदर्शन
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। नोएडा के सेक्टर 79 में स्थित सिक्का किंमंत्रा ग्रीन्स सोसायटी के निवासियों का सब्र आखिरकार टूट गया। सिक्का बिल्डर्स के खिलाफ शनिवार को सैकड़ों निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। निवासियों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने के बाद भी उन्हें बिजली और साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रही हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। निवासियों ने बिल्डर कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और अपनी समस्याओं को लेकर आक्रोश जताया।
एक निवासी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "नोएडा के सेक्टर 79 में स्थित सिक्का किंमंत्रा ग्रीन्स सोसायटी में पानी इतना खारा है कि इसे पीने से लोग बीमार पड़ जाते हैं। पानी इतना खारा है कि इससे हमारे बाल भी झड़ने लगे हैं। यहां हर दिन 10 से 25 बार बिजली जाती है। सोसायटी के बनने के समय से ही यही हाल है।"
उन्होंने कहा, "तीन साल करीब होने जा रहे हैं, तब से सिक्का न तो पानी की व्यवस्था कर पाए हैं और न ही लाइट की व्यवस्था कर पाए। बस ये कहते हैं, अगले महीने काम हो जाएगा, लेकिन वह काम करने का उनका कोई इरादा ही नहीं दिखता।"
उन्होंने आगे बताया कि सोसायटी में रखरखाव की भारी कमी है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा, "जो एक फव्वारा बनाया, उसमें गंदा पानी भर गया, जिससे डेंगू फैल रहा है। लोगों का इलाज चल रहा है। आखिर कब तक हम लोग इन सब चीजों का सामना करेंगे? हम लोगों ने पूरा पैसा दिया है। हमसे एस्ट्रा में पैसा ले रखा है, उसके बाद भी कोई काम नहीं कर रहे हैं, तो ये बहुत नागवार है।"
उन्होंने कहा, "उन्होंने 2018 में फ्लैट बुक किया था और 2024 में उसका पजेशन मिला। तब से यह समस्या हम लोग झेल रहे हैं। आज करीब दो-ढाई सौ लोग यहां हैं जो इससे परेशान हैं।"
निवासियों का आरोप है कि बिल्डर उनसे मिलना भी नहीं चाहता। उन्होंने कहा, "कितनी बार हम लोग इनके ऑफिस में आए हैं, लेकिन ये हमसे मिलते ही नहीं हैं। इनके कर्मचारी रहते हैं, जिनको कोई अधिकार नहीं है, दो चार हजार खर्च करने का भी पावर नहीं है। तो क्या मतलब है ऐसी सोसायटी का?"
नवीन कुमार ने बताया कि सिक्का बिल्डर्स की तरफ से एक महीने की मोहलत मांगी गई थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। किंमंत्रा ग्रीन्स सोसायटी में 300 से ज्यादा फ्लैट हैं और सभी परेशान है। हमेशा हर चीज के पैसे ले लिए गए, लेकिन अब तक न वहां सड़कें बनी है, न पार्किंग की व्यवस्था है, न लिफ्ट सही है, न फायर सिस्टम है और न ही साफ पानी की व्यवस्था है। बार-बार शिकायत के बाद भी ये सिर्फ झूठा दिलासा देते आ रहे हैं। हर महीने हमसे 5000 रुपये मेंटेनेंस के नाम पर लिया जाता है, लेकिन काम एक पैसे का नहीं होता।
एक अन्य निवासी बताया कि उन्होंने लोन पर फ्लैट खरीदा था। बिल्डर ने उसका फ्लैट किसी और को बेचकर दोबारा लोन करा दिया है। कोर्ट में केस चल रहा है।
एक अन्य निवासी बताया कि हमने पूरा पैसा दे दिया है, लेकिन अभी तक हमें पजेशन नहीं मिला है। बिल्डर की तरफ से कोई बात करने को तैयार नहीं है। इसको लेकर केस भी चल रहा है, लेकिन ये लोग कहते हैं जो करना है कर लीजिए हमें कोई फरक नहीं पड़ता है।
सुनील नाम के व्यक्ति ने बताया कि हम लोग दस बार बिल्डर के ऑफिस के चक्कर काट चुके हैं। पानी का टीडीएस 300 से ज्यादा है। हम इसे कैसे पिएं। बाल और स्किन से जुड़ी समस्या हो रही है। कुछ दिनों पहले एक लिफ्ट भी गिर गई। वह जगह रहने लायक नहीं है। हमें मजबूरी में वहां रहना पड़ रहा है।
साहब सिंह राठी ने कहा, "सिक्का किमंत्रा में मेरे दो फलैट हैं। बिल्डर ने फ्लैट बेंचते समय जो सुविधाएं देने का वादा किया था, वह पूरा नहीं किया। इस पर मैं खुद अपने स्तर पर व्यवस्था कर फ्लैट में शिफ्ट हुआ हूं। यहां पानी की बहुत समस्या है, बाहर का पानी मंगाकर पीना पड़ रहा है। पानी इतना खराब है कि स्नान भी नहीं किया जा सकता। इसके अलावा लिफ्ट भी आए दिन खराब हो जाती है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की भी अभी व्यवस्था नहीं है। अभी तक बिजली का भी काम पूरा नहीं हुआ है। अभी तक गैस पाइप लाइन का काम भी अधूरा है, जिसकी वजह से सिलेंडरों से काम चलाना पड़ रहा है।"
सोमनाथ मंडल ने कहा, "बिल्डर ने फ्लैट बेचते समय जो वादा किया था, उसका 80 फीसदी भी काम नहीं पूरा किया और पूरा पैसा भी ले लिया। 2017 में फ्लैट बुक किया था और 2024 से यहां रह रहा हूं। शिकायत करने पर बिल्डर की ओर से सिर्फ आश्वासन मिलता है।"
बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन कर रही एक वृद्ध महिला ने कहा, "लिफ्ट के ऊपर-नीचे बहुत गंदगी है। आए दिन लिफ्ट बंद हो जाती है। सोसायटी में पानी, बिजली समेत मूलभूत सुविधाओं की बहुत दिक्कत है। पानी इतना गंदा है कि बाल खराब हो रहे हैं।"
रश्मि ने कहा, "हमारे टावर में बहुत गंदगी है। टावर के पीछे डंपियार्ड बना हुआ है। सीवर की बदबू आती रहती है और मच्छर आते हैं। बेसमेंट में तो लगता है झरना बह रहा हो। सिक्का का पूरा पानी बेसमेंट भरा जा रहा है। पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं है। बिल्डर की ओर से डेढ़ महीने पहले सोसायटी का निरीक्षण किया गया था, लेकिन हालत जस के तस बने हुए हैं।"
तरुण कुमार ने कहा, "मूलभूत सुविधाएं हमें नहीं मिल रही हैं। बिजली, पानी जैसी सुविधाओं के लिए हम प्रदर्शन कर रहे हैं।"
बिल्डर की ओर से हरचरन सिंह ने कहा, "हमारे लोग काम कर रहे हैं। जो भी समस्याएं हैं, उन्हें जल्द से जल्द दूर कराया जाएगा। कोशिश रहेगी कि 6 महीने के अंदर जो काम अधूरे हैं, उसको पूरा करवा दिया जाए। पानी का कनेक्शन जल्दी ही हो जाएगा। इलेक्ट्रिसिटी का काम चल रहा है। जल्द ही सभी के घरों में बिजली कनेक्शन लग जाएंगे। लिफ्ट की खराबी के लिए संबंधित कंपनी से बात करके सही करवा दिया जाएगा।"
सिक्का बिल्डर के पीए अमित ने कहा, "समस्याओं का समाधान जल्दी हो जाएगा। एक से डेढ़ महीने के अंदर अधूरे के कार्य पूरे कर दिए जाएंगे।"
--आईएएनएस
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