पंजाब: पोस्त तस्करी मामले में दो दोषियों को 11 साल की सजा, 2-2 लाख रुपए का जुर्माना
चंडीगढ़, 30 सितंबर (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ को साल 2019 के अंतरराज्यीय पोस्त तस्करी मामले में बड़ी सफलता मिली है। पंजाब के होशियारपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने इस मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 11-11 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 2-2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
एनसीबी के मुताबिक, विशेष एनडीपीएस अदालत ने 28 सितंबर 2026 को मुजफ्फर अहमद मीर, निवासी बोटपुरा, शोपियां, जम्मू-कश्मीर और चरणजीत सिंह चीमा, निवासी दसूया, होशियारपुर, पंजाब को सजा सुनाई।
मामला 26 जून 2019 का है। एनसीबी चंडीगढ़ की टीम ने होशियारपुर के मुकेरियां के पास जम्मू-कश्मीर से पंजाब लाई जा रही 500 किलोग्राम पोस्त की खेप पकड़ी थी।
एनसीबी के अनुसार, पोस्त को 20 बोरियों में भरकर ट्रक में लदे कबाड़ के नीचे छिपाया गया था। कार्रवाई के दौरान मुजफ्फर अहमद मीर और चरणजीत सिंह चीमा के अलावा रियाज अहमद शेख, निवासी खानी पोरा, शोपियां, जम्मू-कश्मीर को भी गिरफ्तार किया गया था।
जमानत मिलने के बाद रियाज अहमद शेख फरार हो गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सक्षम अदालत ने दिसंबर 2025 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। एनसीबी के मुताबिक, उसे पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
एनसीबी ने कहा कि इस मामले में दोषियों को मिली सजा मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उसकी कार्रवाई और प्रभावी जांच को दिखाती है। ब्यूरो ने कहा कि वह नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने और नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एनसीबी ने आम लोगों से भी नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सहयोग करने की अपील की है। ड्रग्स की तस्करी से जुड़ी जानकारी मानस नेशनल हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
--आईएएनएस
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