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पंजाब में राष्ट्रवाद, राज्य की एकता और सीमाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी भाजपा: राजीव बब्बर

 

नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा नेता राजीव बब्बर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद, पंजाब की एकता और सीमाओं की सुरक्षा के मुद्दे को आधार बनाकर चुनाव मैदान में उतरेगी। पार्टी चुनाव की तैयारियों में जुटी है और पंजाब में भाजपा का जनाधार लगातार बढ़ रहा है।

बब्बर ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में नशे और भ्रष्टाचार की समस्या गंभीर है तथा स्कूलों में बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार की तैयारियां पूरी नहीं हैं।

उन्होंने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तुलना करते हुए आरोप लगाया कि जिस तरह दिल्ली में केजरीवाल सरकार केंद्र पर आरोप लगाती थी, उसी तरह पंजाब में भगवंत मान भी केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं। पंजाब में जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अब ऐसी सरकार को बदलने का समय आ गया है।

राजीव बब्बर के मुताबिक पंजाब में बड़ी संख्या में लोग भाजपा से जुड़ना चाहते हैं और पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। यूसीसी पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए राजीव बब्बर ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड देश की और हमारी मांग है और इसका सही मतलब समझना बहुत जरूरी है। उन्होंने संविधान को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि व्यक्ति किस जाति या धर्म से आता है। यह बाद की बात है, सबसे पहले देश का संविधान है।

तिरंगे का उदाहरण देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि जिस तरह तिरंगा पूरे देश का प्रतीक है, उसी तरह संविधान भी सभी नागरिकों के लिए सर्वोच्च है।

राजीव बब्बर ने तीन तलाक का उदाहरण देते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने इसे लेकर कानून बनाया तो कई शिक्षित मुस्लिम महिलाओं ने इसका स्वागत किया। इंसानियत और मानवाधिकार किसी भी धर्म से ऊपर हैं। लोग चाहते हैं कि यूसीसी लागू की जाए। अमित शाह द्वारा यूसीसी को लेकर जो घोषणा हुई है, हम उसका स्वागत करते हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर राजीव बब्बर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की ताकत केवल 11 देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इन देशों की वैश्विक स्तर पर बड़ी आबादी और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण रहा और इस दौरान 350 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं। सम्मेलन में इंसानियत को प्राथमिकता दी गई और भारत अपनी संस्कृति तथा विचारों को वैश्विक मंच पर रखने में सफल रहा।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी