पंजाब में डबल इंजन वाली सरकार बनाने की पूरी तैयारी, इस बार खिलेगा कमलः रवनीत सिंह बिट्टू
मोहाली, 3 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने चंडीगढ़ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में औपचारिक रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में शामिल होने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पहुंचे, जिनका हवाई अड्डे पर स्वागत हुआ। एयरपोर्ट पर ही रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि पंजाब में 'डबल इंजन वाली सरकार' बनाने की तैयारी है।
केवल सिंह ढिल्लों के भाजपा पंजाब अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने पर केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आईएएनएस से कहा, "आज भाजपा और पंजाब के लिए बहुत खुशी का दिन है। अभी तक सुनील जाखड़ प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे, उनका कार्यकाल पूरा हो गया है, इसलिए मालवा क्षेत्र से आने वाले सरदार केवल सिंह ढिल्लों को यह जिम्मेदारी दी गई है। वर्तमान सरकार ने मालवा क्षेत्र के लिए कोई काम नहीं किया है।"
केंद्रीय राज्य मंत्री ने आगे कहा, "पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए चार महीने बचे हैं। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों और हम सभी ने अपना सामान गाड़ियों में रख लिया है और हर विधानसभा में जाएंगे। इस बार पंजाब में डबल इंजन की सरकार लाएंगे और जनता को खुशहाल करेंगे। मेरा मन है कि पंजाब विधानसभा में आकर यहां के लिए काम करें। कमल हमारा प्रतीक है। कमल पहले से ही खिला हुआ है, अब इसे पंजाब में भी खिलना होगा।"
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, "पंजाब में भारतीय जनता पार्टी को ज़बरदस्त समर्थन मिल रहा है। पंजाब की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद दे रही है और उनका समर्थन कर रही है। आज पंजाब आर्थिक संकट से जूझ रहा है, नशे की समस्या से ग्रस्त है और माफियाओं के दबदबे से परेशान है। गुंडागर्दी और जबरन वसूली राज्य को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। अगर कोई पंजाब को इस जंगल राज से मुक्त करा सकता है, तो वह नरेंद्र मोदी की डबल इंजन वाली सरकार है।"
तरुण चुघ ने आगे कहा, "ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल को जिहादी मानसिकता की ओर धकेला और उसे हिंसक विचारधारा से प्रेरित होने दिया, जिससे राज्य अशांति की आग में जल उठा। परिणामस्वरूप जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया। जनता ने अपने वोट की शक्ति से ममता और उनकी क्रूर, तानाशाही शासन शैली को करारा जवाब दिया। उनकी हताशा और निराशा अब स्पष्ट है। ममता दीदी को जनता के गुस्से और उनके फैसले को स्वीकार करना चाहिए।"
--आईएएनएस
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