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पंजाब में धमाकों के बाद विपक्ष का हमला, कहा-कानून-व्यवस्था संभालने में भगवंत मान नाकाम

 

जालंधर, 6 मई (आईएएनएस)। पंजाब के अमृतसर और जालंधर में धमाकों के बाद विपक्षी नेता सीएम भगवंत मान पर हमलावर हैं। विपक्ष के नेताओं ने कहा कि भगवंत मान प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखने में नाकाम साबित हो गए हैं। ब्लास्ट पर ब्लास्ट हो रहे हैं और भगवंत मान बीजेपी पर आरोप लगाने में जुटे हुए हैं।

पंजाब बीजेपी के उपाध्यक्ष फतेह जंग बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली और बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को पहले स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए और बिना ठोस सबूतों के राजनीतिक आरोप लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में लगातार हो रही विस्फोटक घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और जनता सरकार से जवाब चाहती है कि सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार के पास किसी भी तरह के सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक आरोपों तक सीमित रहना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हाल के हफ्तों में अलग-अलग स्थानों पर हुए धमाकों के बाद पुलिस की कार्रवाई कितनी प्रभावी रही है।

वहीं, बीजेपी प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि पंजाब में लगातार हो रही विस्फोट जैसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और ये सीधे तौर पर सरकार की नाकामी को दिखाती हैं। उनके मुताबिक राज्य में अपराध का माहौल बढ़ रहा है और आम लोगों में डर का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आए दिन हत्या, ग्रेनेड हमले जैसी घटनाएं और हिंसक वारदातें सामने आ रही हैं, जो एक गंभीर स्थिति को दिखाती हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार में पंजाब की स्थिति बिगड़ती जा रही है और राज्य में कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है। उनके अनुसार सरकार का ध्यान जनता की सुरक्षा पर कम और राजनीति पर ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो पंजाब में लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था से उठ सकता है।

शेरगिल ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के आरोपों को गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक जवाब देने में लगी रहती है। उनका कहना है कि जब भी कोई बड़ी घटना होती है, तो सरकार तुरंत विपक्ष या दूसरी पार्टियों पर आरोप लगाना शुरू कर देती है, जबकि असली मुद्दा सुरक्षा और जांच का होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और प्रशासन को मजबूत करने की बजाय उसका इस्तेमाल राजनीतिक मामलों में किया जा रहा है, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार, अगर पुलिस का पूरा ध्यान अपराध रोकने पर होता, तो इस तरह की घटनाएं कम हो सकती थीं।

उनका मानना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं और उनका मकसद क्या है।

शेरगिल ने यह भी कहा कि अगर सरकार सच में हालात सुधारना चाहती है, तो उसे आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर जमीनी स्तर पर काम करना होगा। उनका कहना है कि जनता अब केवल बयान नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहती है। उन्होंने कहा कि अब पंजाब का जो माहौल है, उसको देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए।

--आईएएनएस

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