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पंजाब में बिजली की फिलहाल कोई समस्या नहीं : हरपाल सिंह चीमा

 

चंडीगढ़, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब में बिजली कटौती को लेकर विपक्ष के आरोपों पर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पलटवार करते हुए कहा कि बिजली की कोई समस्या नहीं है।

चंडीगढ़ में आईएएनएस से बातचीत में पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बिजली की कोई समस्या नहीं है। हम बस जरूरत के हिसाब से कुछ छोटे-मोटे बदलाव कर रहे हैं। आने वाले समय में अगले दो या तीन महीनों में, बिजली की मांग बहुत बढ़ जाएगी, इसलिए किसी भी तरह की रुकावट से बचने के लिए हम पहले से ही तैयारी कर रहे हैं। इसीलिए हम सुधार कर रहे हैं और कुछ इलाकों में अस्थायी तौर पर बिजली बंद की है। कार्य पूरा होते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। किसी को भी चिंता करने या घबराने की जरूरत नहीं है। गर्मियों में जनता को बिजली कट की समस्या से नहीं जूझना होगा।

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को लेकर मंत्री ने कहा कि जहां कहीं भी चुनाव हो रहे हैं, मेरी सभी मतदाताओं से अपील है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए, इस देश के लोकतंत्र को और खूबसूरत बनाने के लिए लोकतंत्र के त्योहार में अपना योगदान दीजिए। ज्यादा से ज्यादा मतों का प्रयोग होना चाहिए।

ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए मान सरकार ने गेहूं खरीद के लिए ब्याज-मुक्त ऋण को मंज़ूरी दे दी है। हर पात्र कर्मचारी को ₹10,340 तक की सहायता मिलेगी; इस पहल के लिए ₹15 करोड़ का बजट रखा गया है। कर्मचारियों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए 29 मई तक राशि निकालने और आसान मासिक किस्तों में उसे चुकाने की सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि भगवंत मान सरकार ने ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए गेहूं खरीद के लिए ब्याज-मुक्त ऋण को मंजूरी दे दी है। हर पात्र कर्मचारी को 10,340 रुपए तक की सहायता मिलेगी। इस पहल के लिए 15 करोड़ का बजट रखा गया है। कर्मचारियों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए, 29 मई तक राशि निकालने और आसान मासिक किस्तों में उसे चुकाने की सुविधा देकर प्रयास किए जा रहे हैं।

उधर, पंजाब में बिजली कटौती को लेकर भाजपा ने मान सरकार पर आरोप लगाए। पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अंधेर नगरी, चौपट राजा। अब जब गर्मी का मौसम आ गया है, तो पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के मेंटेनेंस के नाम पर पूरे पंजाब में बिजली बंद कर दी गई है। क्या यह काम फरवरी या मार्च में नहीं हो सकता था। जब पावर कॉर्पोरेशन का कोई रेगुलर चेयरमैन ही नहीं है, तो ये फैसले कौन ले रहा है। सोलर पावर होने के बावजूद जब दिन में बिजली सस्ती होती है तो लोगों को बिजली नहीं मिल रही है। आम जनजीवन से लेकर बिजनेस और इंडस्ट्री तक, आप सरकार में इन पावर कट से हर कोई प्रभावित है। मुख्यमंत्री भगवंत मान विदेश दौरे पर हैं। उन्होने पूछा कि क्या यही मान सरकार का गवर्नेंस मॉडल है।

--आईएएनएस

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