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पंजाब में नशे की समस्या को लेकर एबीवीपी का विरोध प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में

 

चंडीगढ़, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या के खिलाफ चंडीगढ़ में गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-9 स्थित पंजाब पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्र होकर भगवंत मान सरकार और पंजाब के डीजीपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने डीजीपी कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

इससे पहले एबीवीपी सदस्य और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के पूर्व अध्यक्ष गौरव वीर सिंह सोहल ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान पंजाब सरकार और पुलिस-प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज का यह घेराव नशा मुक्त पंजाब के लिए है।

उन्होंने कहा, "पंजाब के युवाओं की आवाज आज चीख-चीख कर सामने आ रही है लेकिन पंजाब सरकार और पुलिस-प्रशासन को इससे रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ रहा है। पंजाब की हालत खराब है और पूरा प्रदेश आज नशे की समस्या से जूझ रहा है। यह इतना बड़ा मुद्दा है लेकिन हमारे मुख्यमंत्री और डीजीपी को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि पंजाब का युवा नशे में है या नहीं।"

सोहल ने कहा कि सरकार ने 'युद्ध नशा विरुद्ध' अभियान के पोस्टर लगाकर ऐलान तो कर दिया कि पंजाब से नशा खत्म कर रहे हैं लेकिन हकीकत में यह अभियान सिर्फ बैनरों और सोशल मीडिया कैंपेन तक ही सीमित रह गया है। जमीन पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। गौरव वीर सिंह सोहल ने हाल ही में हुई नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह की दिनदहाड़े हत्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरेआम हुई इस हत्या पर पंजाब के डीजीपी और सरकार के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला।

उन्होंने आरोप लगाया कि एंटी-ड्रग स्क्वाड का ही एक पुलिसकर्मी 15 किलो हेरोइन की तस्करी करते हुए पकड़ा गया है। ऐसे में पंजाब पुलिस से लोगों की सुरक्षा की क्या उम्मीद की जा सकती है, जब पुलिस खुद ही इस धंधे में शामिल हो।

सोहल ने कहा कि इस गंभीर मामले पर पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने एक भी बयान नहीं दिया। उन्होंने एसएसपी के बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें परविंदर सिंह की मौत को आपसी रंजिश बताया गया था। उन्होंने कहा कि मंत्री हरपाल चीमा ने भी इसी तरह का बयान दिया था, जो बेहद घटिया है।

उन्होंने भगवंत मान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "जिस तरीके से इन्होंने पंजाबियों को तंग किया है, 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इन्हें इसका जवाब देगी। हम आज शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने आए हैं और इस प्रदर्शन से हम बताना चाहते हैं कि पंजाब का युवा किस स्तर तक इनसे खफा है। इनसे अब कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।"

सोहल ने मांग की कि केंद्र सरकार अपनी जांच एजेंसियों जैसे सीबीआई और एनआईए को पंजाब में तैनात करे। सबसे पहले पंजाब पुलिस की ही जांच होनी चाहिए कि पुलिस-प्रशासन क्या कर रहा है। उनके ही विभागों में सर्च अभियान चलाकर पता लगाया जाना चाहिए कि कौन-कौन किस स्तर पर तस्करी में शामिल है।

उन्होंने कहा, "हमें पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं है, हमें डीजीपी गौरव यादव पर भरोसा नहीं है और हमें सीएम भगवंत मान पर भी भरोसा नहीं है। पंजाब में आग लगी हुई है और मुख्यमंत्री फ्रांस में अपना जन्मदिन मनाकर आ रहे हैं।"

प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने कहा कि उनकी मांग सिर्फ छात्रों के हित में है। पंजाब में लगातार ड्रग्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिससे हर छात्र का भविष्य बर्बाद हो रहा है लेकिन सरकार चुप्पी साधे बैठी है। हम पंजाब सरकार से इसका जवाब मांगते हैं।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम