×

पंजाब चुनाव के लिए जनता की राय से बनेगा कांग्रेस का मैनिफेस्टो : अमर सिंह

 

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र (मैनिफेस्टो) को लेकर कवायद तेज कर दी है। इसको लेकर कांग्रेस नेता अमर सिंह ने आईएएनएस से खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि पार्टी का मैनिफेस्टो जनता की उम्मीदों और जरूरतों का प्रतिबिंब होगा। घोषणा पत्र किसी कमरे में बैठकर तैयार नहीं किया जाएगा, बल्कि समाज के हर वर्ग से बातचीत और सुझाव लेने के बाद उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

अमर सिंह ने कहा कि वह जल्द ही पंजाब जाएंगे, जहां सबसे पहले मैनिफेस्टो कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक होगी। इसके बाद पार्टी किसानों, मजदूरों, उद्योग जगत, कर्मचारियों और अन्य सभी हितधारकों से बातचीत करेगी। इसके साथ ही कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से भी फीडबैक लिया जाएगा, ताकि लोगों की वास्तविक समस्याओं और अपेक्षाओं को घोषणा पत्र में शामिल किया जा सके।

उन्होंने कहा, "मैनिफेस्टो लोगों की इच्छाओं का प्रतिबिंब होता है। हम फील्ड में जाएंगे, लोगों से मिलेंगे और जानेंगे कि पंजाब की जनता आखिर चाहती क्या है। सभी सुझावों को इकट्ठा करने के बाद ही घोषणा पत्र को अंतिम स्वरूप दिया जाएगा।"

पुराने चुनावी घोषणा पत्र और नए मैनिफेस्टो के बीच तालमेल के सवाल पर अमर सिंह ने कहा कि कांग्रेस अपने पिछले वादों और अनुभवों का भी आकलन करेगी। साथ ही वर्तमान परिस्थितियों और जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नया घोषणा पत्र तैयार किया जाएगा।

मुफ्त योजनाओं यानी "फ्रीबी" की राजनीति पर उन्होंने कहा कि पंजाब की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पार्टी बेहद सोच-समझकर फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिना आर्थिक स्थिति का आकलन किए कोई वादा नहीं करेगी। जो योजनाएं वास्तव में जरूरतमंद लोगों के हित में होंगी, उन्हीं पर विशेषज्ञों और पार्टी नेतृत्व से चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।

अमर सिंह ने कहा कि पंजाब इस समय आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और ऐसे में जनता के हितों और राज्य की वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस एक ऐसा घोषणा पत्र तैयार करेगी, जो न केवल जनता की उम्मीदों पर खरा उतरे, बल्कि राज्य के विकास और आर्थिक मजबूती का भी रोडमैप पेश करे।

पार्टी संगठन को लेकर पूछे गए सवाल पर अमर सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं और सांसदों सहित लगभग सभी नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। उनके मुताबिक संगठन में किसी को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है और यदि आगे जरूरत महसूस हुई तो अन्य नेताओं को भी समितियों में शामिल किया जा सकता है।

आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए अमर सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए कई बड़े वादे आज तक पूरे नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनता से ऐसे वादे किए थे, जिन्हें पूरा करने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि वह हर साल 20 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त राजस्व जुटाएगी, लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग रही। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि वह नया कर्ज नहीं लेगी, लेकिन अब पंजाब पर कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। उनका आरोप था कि पिछले कई दशकों में जितना कर्ज बढ़ा, उससे भी ज्यादा बोझ मौजूदा सरकार के कार्यकाल में बढ़ गया है। उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन चुके हैं। उनके अनुसार, आज हालात ऐसे हैं कि बिना पैसे दिए कई सरकारी कार्यालयों में काम कराना मुश्किल हो गया है।

मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का जिक्र करते हुए अमर सिंह ने कहा कि सरकार ने घोषणा की थी कि सत्ता में आने के बाद महिलाओं को 1000 रुपए की सहायता राशि देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब जब दोबारा चुनाव होने वाले हैं तो सरकार 3 महीने के पैसे देकर चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि कांग्रेस शासित राज्यों में महिलाओं के लिए योजनाएं पहले से लागू हैं और वहां नियमित रूप से लाभ दिया जा रहा है।

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी