पुणे रेलवे स्टेशन से एक साल की बच्ची के अपहरण में दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार
पुणे, 2 जून (आईएएनएस)। पुणे के बंडगार्डन पुलिस स्टेशन की तत्परता और समन्वित कार्रवाई के चलते पुणे रेलवे स्टेशन से अपहृत एक वर्षीय बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस ने घटना के महज 16 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से पुलिस ने बच्ची का पता लगाते हुए उसे उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान द्रुपदा लक्ष्मण गायकवाड़ (35), राधा लकी आदिवासी (20) और लकी संदीप आदिवासी (21) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी जालना जिले के सुंदरनगर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता शिवानी अमोल भोसले (21) पुणे जिले के शिरूर तालुका स्थित मालठण गांव की रहने वाली हैं और मजदूरी का काम करती हैं। पारिवारिक विवाद के बाद वह 30 मई को अपनी एक वर्षीय बेटी लीला अमोल भोसले के साथ पुणे रेलवे स्टेशन पहुंची थी। पुणे में कोई रिश्तेदार या ठहरने की व्यवस्था नहीं होने के कारण मां ने रेलवे आरक्षण कार्यालय के सामने स्थित दत्त मंदिर के पास खुले स्थान पर रात बिताने का निर्णय लिया।
रात करीब 9:30 बजे शिवानी की आंख खुली तो उनकी बेटी वहां नहीं थी। उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बच्ची का पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने बंडगार्डन पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संतोष पंधारे ने तत्काल विशेष जांच टीम गठित की। उनके मार्गदर्शन में बच्ची की तलाश के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई गईं। जांच अधिकारियों ने लगातार 12 घंटे तक पुणे रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में लगे 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की बारीकी से जांच की।
सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। फुटेज में दो महिलाएं और एक पुरुष बच्ची को लेकर प्लेटफॉर्म नंबर 4 से पनवेल-नांदेड़-पनवेल ट्रेन में चढ़ते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने तत्काल दौंड और कुर्डुवाड़ी रेलवे स्टेशनों की ओर अलग-अलग टीमें रवाना कीं।
सहायक पुलिस निरीक्षक अभिजीत चौगुले के नेतृत्व में पुलिसकर्मी ज्ञानेश्वर बडे और मनोज भोकारे की टीम दौंड रेलवे स्टेशन पहुंची। रविवार दोपहर करीब 2:25 बजे पुलिस ने स्टेशन परिसर में तीनों संदिग्धों को ढूंढ़ निकाला और उनसे पूछताछ की।
बंडगार्डन पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक (अपराध) नीलकंठ जगताप ने आईएएनएस को बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुणे रेलवे स्टेशन से बच्ची को ले जाने और उसके साथ यात्रा करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर अपहरण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य महिला आरोपी द्रुपदा गायकवाड़ को कुछ समय पहले बिजली का झटका लगा था, जिसके कारण वह स्थायी रूप से संतान पैदा करने की क्षमता खो चुकी थी। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी महिला ने अपनी मां और बेटी के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन से एक बच्चे के अपहरण की योजना बनाई थी।
हालांकि, पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अपहरण के पीछे वास्तविक मकसद क्या था और क्या इस घटना के पीछे किसी बड़े गिरोह या रैकेट का भी हाथ है। मामले की आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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