पुणे में एमपीएससी छात्रों का आंदोलन तेज, रोहित पवार बोले-70 हजार छात्र जुटेंगे, राहुल गांधी के समर्थन से दबाव बनेगा
पुणे, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। पुणे में एमपीएससी छात्रों का अनशन और सत्याग्रह दूसरे दिन और तेज हो गया है। एनसीपी (शरद पवार गुट) विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि 5 छात्रों से शुरू हुई भूख हड़ताल में अब 7 छात्र शामिल हो गए हैं और 1 अक्टूबर को 3500 से शुरू हुआ आंदोलन सोमवार तक 70 हजार छात्रों तक पहुंच सकता है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए विपक्ष ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। रविवार शाम संजय राउत और ठाकरे बंधु आंदोलन स्थल पर पहुंचेंगे, जबकि मंगलवार को राहुल गांधी और शरद पवार छात्रों के समर्थन में पुणे आ सकते हैं।
पुणे में रविवार के प्रोटेस्ट को लेकर एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने कहा, "शनिवार को पांच लोगों ने भूख हड़ताल पर जाने का फैसला किया था। आज सुबह दो और लड़कियों ने (एक मराठवाड़ाऔर दूसरी पुणे से) अपनी मर्जी से भूख हड़ताल में हिस्सा लिया। भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ रही है।"
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने बात नहीं मानी तो सोमवार को ये आंकड़ा 70 हजार तक जा सकता है। मंगलवार को राहुल गांधी भी इन बच्चों का समर्थन करने के लिए यहां आएंगे। रविवार शाम को संजय राउत, सतेज पाटिल और राज ठाकरे भी इन बच्चों का समर्थन करने के लिए आने वाले हैं। इन बच्चों के समर्थन में नेताओं के आने का सिलसिला भी बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में राहुल गांधी और शरद पवार भी आने वाले हैं। इस संबंध में सरकार की ओर से जल्द से जल्द रास्ता निकलना बहुत जरूरी है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के एक्स पोस्ट को लेकर विधायक रोहित पवार ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को राहुल गांधी ने जो समर्थन दिया है, उसके लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं। हम उनसे अपील करते हैं कि शाम तक सरकार की तरफ से कोई फैसला नहीं लिया जाता तो आप इन बच्चों के लिए समय निकालें। नेता प्रतिपक्ष होने के नाते छात्रों के लिए राहुल गांधी के समर्थन से दबाव बनेगा। बच्चों को न्याय देने और राज्य को अच्छे अधिकारी देने के लिए जो एमपीएससी बनाई थी, उसमें भ्रष्टाचार शुरू हो गया। इस भ्रष्टाचार को खत्म करके राज्य के नागरिकों को अच्छा अधिकारी मिले, इसका समर्थन होगा।
रोहित पवार ने कहा कि वहां पर जो नेता हैं, वो उच्च स्तर के हैं, इनमें उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, आदित्य ठाकरे, अमित ठाकरे और संजय राउत भी शामिल हैं। इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात ये है कि वहां पर जो लोग जिस संख्या में आए हैं, वो बहुत बड़ी है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जो आंदोलन हुआ, उसके बाद उद्धव ठाकरे और संजय राउत छात्रों के आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। ये आंदोलन अभी बहुत बड़ा होगा। स्टूडेंट्स को न्याय मिलेगा और संविधान के लिए जो लोग लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें भी इंसाफ मिलेगा।
--आईएएनएस
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