पुणे में डॉक्यूमेंट्री ‘शौर्य दीप’ का हुआ भव्य प्रीमियर, पूर्व वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल पीवी नाइक भी रहे मौजूद
पुणे, 22 जून (आईएएनएस)। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद मेजर प्रदीप आर ताथावड़े, कीर्ति चक्र की प्रेरणादायी जीवन यात्रा को समर्पित डॉक्यूमेंट्री ‘शौर्य दीप शहीद मेजर प्रदीप ताथावड़े, कीर्ति चक्र’ का विशेष प्रीमियर 21 जून को पुणे के कोथरूड स्थित सिटी प्राइड थिएटर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल पीवी नाइक (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सैनिक स्कूल सतारा के पूर्व छात्र मेजर ताथावड़े के परिजन और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
सैनिक स्कूल सतारा के पूर्व छात्र मेजर प्रदीप ताथावड़े ने 17 जून 2000 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। मात्र 37 वर्ष की आयु में दिए गए उनके इस सर्वोच्च बलिदान और असाधारण वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया, जो शांतिकाल में दिया जाने वाला देश का दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। सैनिक स्कूल सतारा से वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले वे सबसे उच्चस्तरीय सम्मानित पूर्व छात्र हैं।
निर्देशक शेखर नाइक द्वारा निर्मित 2 घंटे 33 मिनट की यह डॉक्यूमेंट्री मेजर ताथावड़े के जीवन, व्यक्तित्व, शिक्षा और सैन्य करियर की विस्तृत झलक प्रस्तुत करती है। इस परियोजना की पहल सैनिक स्कूल सतारा के 1981 बैच के उनके सहपाठियों ने की थी। फिल्म में उनके परिवार, सैनिक स्कूल, नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए), इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) के मित्रों और 8 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के साथियों के साक्षात्कार शामिल किए गए हैं।
डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग भारतीय सेना की आधिकारिक अनुमति से देश के विभिन्न महत्वपूर्ण सैन्य और ऐतिहासिक स्थलों पर की गई। पुंछ, जम्मू, श्रीनगर, कुपवाड़ा, लेह-लद्दाख, सियाचिन बेस कैंप, दिल्ली, हैदराबाद, नासिक, पुणे, सतारा, बेलगाम, कोलकाता और आगरा सहित अनेक स्थानों पर फिल्मांकन किया गया। मेजर ताथावड़े को करीब से जानने वाले लोगों की स्मृतियों और अनुभवों को संजोने के लिए लगभग 60 विस्तृत साक्षात्कार रिकॉर्ड किए गए।
निर्देशक शेखर नाइक ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री एक सैनिक को समझने की उनकी व्यक्तिगत यात्रा रही है। उन्होंने बताया कि फिल्म के माध्यम से दर्शकों को न केवल मेजर ताथावड़े के जीवन और कर्तव्यनिष्ठा की झलक मिलेगी बल्कि भारतीय सेना के अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति को भी करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
अब इस डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन देशभर के विभिन्न शहरों में किया जाएगा। इसके तहत कई स्थानों पर निःशुल्क विशेष शो आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की भावना से प्रेरित करना है।
--आईएएनएस
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