पुणे में 18 से 31 अगस्त तक लागू रहेंगे प्रतिबंधात्मक आदेश, बिना अनुमति पांच या अधिक लोगों के जुटने पर रोक
पुणे, 15 अगस्त (आईएएनएस)। शहर में आगामी त्योहारों, सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुणे पुलिस ने 18 अगस्त से 31 अगस्त तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू करने का फैसला किया है। यह आदेश महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37 (1), (2) और (3) के तहत जारी किया गया है।
पुलिस उप आयुक्त (विशेष शाखा) डॉ. प्रशांत अमृतकर द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 18 अगस्त की रात 12:01 बजे से 31 अगस्त की रात 12 बजे तक पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।
पुलिस का कहना है कि शहर में समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा मोर्चे, धरना-प्रदर्शन, बंद और आंदोलन आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई और अन्य संवेदनशील मुद्दों के दौरान तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
आगामी ईद-ए-मिलाद, नारली पूर्णिमा, रक्षाबंधन समेत विभिन्न त्योहारों के मद्देनजर सार्वजनिक शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक स्थानों पर दाहक, विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ, पत्थर, हथियार या ऐसे सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जिनसे किसी को शारीरिक नुकसान पहुंच सकता है।
इसके अलावा, किसी व्यक्ति, नेता या संगठन के चित्र, प्रतीकात्मक पुतले, या प्रतिमाओं का प्रदर्शन अथवा उनका दहन करने पर भी रोक लगाई गई है।
सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील, आपत्तिजनक या भड़काऊ नारे लगाने, भड़काऊ गीत गाने, वाद्य बजाने और ऐसी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा, जिससे सामाजिक सौहार्द या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि भड़काऊ भाषण, सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक व्यवहार और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई की जाएगी।
आदेश के तहत अपराधियों की रील बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करना, दहशत फैलाना, धमकी देना या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली डिजिटल सामग्री साझा करना भी प्रतिबंधित रहेगा।
आदेश का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि पांच या उससे अधिक लोगों की सभा, बैठक या जुलूस आयोजित करने के लिए पुणे पुलिस आयुक्त की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, रैली या जुलूस निकालने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकारी सेवा में कार्यरत ऐसे कर्मचारी जिन्हें ड्यूटी के दौरान हथियार रखने की अनुमति या आवश्यकता है, उन पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
इसके अलावा, निजी सुरक्षा गार्ड और चौकीदार जैसे सुरक्षा कर्मियों को ड्यूटी के दौरान 3.5 फीट तक लंबी लाठी रखने की छूट दी गई है।
पुणे पुलिस ने आदेश को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 135 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी कहा कि आदेश की अवधि समाप्त होने के बाद भी उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच, जब्ती, दंड या अन्य कानूनी कार्रवाई जारी रह सकती है।
--आईएएनएस
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