पुणे इन्फोसिस विवाद: सोशल मीडिया शिकायत पर मंत्री नितेश राणे का संज्ञान, जांच की मांग तेज
पुणे: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Infosys एक नए विवाद के चलते चर्चा में आ गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक यूजर ने कंपनी के पुणे स्थित कार्यालय में कथित “उत्पीड़न” का आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। इस शिकायत के बाद राज्य के मंत्री Nitesh Rane ने मामले का संज्ञान लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक X यूजर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और मंत्री नितेश राणे को टैग करते हुए दावा किया कि इन्फोसिस के पुणे स्थित बीपीएम (BPM) यूनिट में कुछ कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर उत्पीड़न हो रहा है। यूजर ने विशेष रूप से “डैमलर प्रोजेक्ट” का उल्लेख करते हुए जांच की मांग की।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब महाराष्ट्र के नासिक में Tata Consultancy Services (TCS) से जुड़ा एक बड़ा विवाद पहले से चर्चा में है। नासिक स्थित एक बीपीओ यूनिट में कई कर्मचारियों—जिनमें अधिकांश महिलाएं शामिल हैं—ने मानसिक और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ शिकायतों में धार्मिक दबाव, जबरन प्रथाओं को अपनाने और धमकी जैसे आरोप भी शामिल हैं।
नासिक मामले में कंपनी प्रबंधन ने इसे गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। टाटा संस के चेयरमैन ने भी इस घटना को “चिंताजनक” बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की घोषणा की है।
इसी पृष्ठभूमि में पुणे के इन्फोसिस कार्यालय को लेकर सामने आई यह नई शिकायत राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गई है। हालांकि, अब तक इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी कंपनियों में कार्यस्थल की सुरक्षा और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर सख्त नियम और पारदर्शी जांच प्रक्रिया बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही कर्मचारियों का भरोसा बनाए रख सकती है।