NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी, वीडियो में जाने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इससे देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जंतर-मंतर पर लगातार छात्रों, युवाओं और विभिन्न संगठनों के लोगों की मौजूदगी देखने को मिल रही है।
आत्महत्या करने वाले छात्रों को दी जाएगी श्रद्धांजलि
आंदोलन के आयोजकों ने NEET पेपर लीक विवाद से जुड़े तनाव और कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों की स्मृति में सोमवार शाम 5:30 बजे कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की घोषणा की है।
CJP ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से मोमबत्तियां लेकर जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। संगठन का दावा है कि आंदोलन को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है और हर दिन प्रदर्शन में शामिल होने वालों की संख्या बढ़ रही है।
आयोजकों ने कहा कि हजारों लोग इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं और यह विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे एक व्यापक छात्र आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
किसानों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील
इससे पहले रविवार को आंदोलन से जुड़े दीपके ने किसानों से भी समर्थन मांगा था। उन्होंने कहा कि जब किसान आंदोलन चल रहा था, तब देशभर के छात्रों ने किसानों की मांगों का समर्थन किया था। अब छात्रों को भी किसानों के सहयोग की आवश्यकता है।
उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों के किसान संगठनों से जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में भाग लेने और छात्रों की आवाज को मजबूत करने की अपील की। इस बयान के बाद आंदोलन को छात्र संगठनों के साथ-साथ अन्य सामाजिक समूहों का भी समर्थन मिलने की चर्चा शुरू हो गई है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है। उनका कहना है कि सरकार को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
वहीं, प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्र लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
आगे और तेज हो सकता है आंदोलन
आंदोलनकारी संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक बनाया जाएगा। फिलहाल जंतर-मंतर पर छात्रों का जुटान जारी है और शाम को प्रस्तावित कैंडल मार्च को लेकर तैयारियां चल रही हैं।
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में पहले से ही बहस जारी है और अब राजधानी दिल्ली में चल रहा यह प्रदर्शन सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।