नीट परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर प्रियंका गांधी का हमला, वीडियो में जाने 1.32 लाख करोड़ खर्च और लोन माफी पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव और सांसद Priyanka Gandhi Vadra ने देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि नीट परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों और उनके परिवारों पर व्यवस्था के कारण भारी आर्थिक बोझ पड़ता है।Priyanka Gandhi Vadra ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि हर साल लगभग 22 लाख छात्र NEET (National Eligibility cum Entrance Test) परीक्षा में शामिल होते हैं और उनके परिवारों को व्यवस्था के जरिए करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने इस राशि की तुलना देश के कुल शिक्षा बजट से करते हुए कहा कि यह लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये के बराबर है।
अपने बयान में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश की आर्थिक नीतियों में असंतुलन है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बड़े कारोबारियों के लोन माफ किए जाने की राशि लगभग 16 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचती है, जो आम नागरिकों पर पड़ने वाले शिक्षा संबंधी खर्च से कहीं अधिक है।यह टिप्पणी उस समय आई है जब Rahul Gandhi ने राजस्थान के कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद किया था। इस कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और करियर विकल्पों को लेकर छात्रों ने अपनी समस्याएं साझा की थीं।
कोटा, जो देश का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है, वहां होने वाली इस चर्चा के बाद शिक्षा प्रणाली पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। Rahul Gandhi ने अपने संबोधन में भी छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और सीमित करियर विकल्पों पर सवाल उठाए थे।अब Priyanka Gandhi Vadra की इस नई टिप्पणी ने शिक्षा नीति, परीक्षा प्रणाली और आर्थिक प्राथमिकताओं को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।