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निजी अस्पताल मालिक को अपने कर्मचारियों ने बनाया निशाना, 90 लाख रुपए की फिरौती की मांग

 

बुधवार को शहर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें भीलवाड़ा के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल के मालिक को उनके ही कर्मचारियों ने ब्लैकमेल करते हुए निशाना बनाया। जानकारी के अनुसार, अस्पताल मालिक ने अपने कर्मचारियों को परिवार के सदस्यों की तरह रखा था, लेकिन उन्हीं कर्मचारियों ने इस भरोसे का फायदा उठाते हुए अस्पताल संचालक को ब्लैकमेल करने की योजना बनाई।

मामले के अनुसार, अस्पताल में काम करने वाले नर्सिंग स्टाफ ने अपने मालिक को वॉट्सऐप कॉल के जरिए 90 लाख रुपए की फिरौती की मांग की। धमकी दी गई कि अगर राशि नहीं दी गई, तो मालिक की प्रतिष्ठा और अस्पताल के संचालन को नुकसान पहुंचाया जाएगा। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन और स्थानीय पुलिस महकमे को हैरान और सतर्क कर दिया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले की शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई। अब तक चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारीयों ने यह भी बताया कि वॉट्सऐप कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य भी जांच में शामिल किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से स्पष्ट होता है कि अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की विश्वसनीयता और आंतरिक निगरानी बहुत जरूरी है। अक्सर मालिक और स्टाफ के बीच अत्यधिक भरोसा होने से ऐसे ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के मामले सामने आते हैं।

स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में कर्मचारियों की गतिविधियों और आंतरिक शिकायतों पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए। इसके साथ ही अस्पताल संचालकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी तरह की अनियमितता और ब्लैकमेलिंग को तुरंत कानूनी रास्ते से रोका जाए।

भिवाड़ा के नागरिकों और मरीजों के लिए यह घटना चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि अस्पताल में काम करने वाले स्टाफ पर संकट सीधे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। अस्पताल संचालक ने मीडिया से कहा कि उन्हें इस बात का बहुत आश्चर्य हुआ कि जिन लोगों पर उन्होंने भरोसा किया, वही उनके खिलाफ साजिश रच रहे थे।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद सभी आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह घटना पूरे राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की पारदर्शिता और सुरक्षा नीति के महत्व को रेखांकित करती है।

इस प्रकार, भीलवाड़ा के इस निजी अस्पताल में मालिक के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला न केवल सनसनीखेज है, बल्कि अस्पतालों में निगरानी और सुरक्षा तंत्र की आवश्यकता को भी उजागर करता है।