×

पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी के दरबार में गूंजे जयकारे, चैत्र नवरात्रि पर संभल में दिखी अपार भीड़

 

संभल, 25 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन संभल के प्राचीन सिद्धपीठ श्री चामुंडा देवी मंदिर में भक्तों की अपार भीड़ देखने को मिली। कई सारे श्रद्धालु माता रानी की पूजा करने के लिए मंदिर परिसर में पहुंचे। मंदिर में मंगला आरती के बाद बुधवार सुबह से ही दर्शन शुरू हुए और भक्तों का तांता लगा रहा।

मंदिर के महंत मुरली सिंह ने बताया, "संभल की स्थापना के समय से ही यह मंदिर देवी का पवित्र स्थान रहा है। यहां मां को चामुंडा के रूप में पूजा जाता है। इन्हें राजा पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी माना जाता है। राजा के समय यह मंदिर उनकी आराध्या देवी के रूप में प्रसिद्ध थी। आज भी भक्त यहां मनोकामनाएं मांगते हैं और मां अपनी कृपा बरसाती हैं।"

उत्तर प्रदेश के संभल शहर में कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला हल्लू सराय में यह मंदिर स्थित है। नवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की अमिट भीड़ देखने को मिलती है और नौ दिन मेला लगा रहता है। यह मंदिर पुरानी परंपराओं और स्थानीय श्रद्धालुओं की भावनाओं से मजबूती से जुड़ा है। यहां माता चामुंडा की पूजा प्रमुख रूप से की जाती है, जिन्हें दुर्गा का ही उग्र रूप (चण्ड और मुण्ड राक्षसों का नाश करने वाली) माना जाता है।

माना जाता है कि मंदिर लगभग 300 से 350 वर्ष पुराना है और पीढ़ियों से पूर्वज यहां पूजा करते आ रहे हैं, जो इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। एक पौराणिक कहानी के अनुसार, घने जंगल के बीच माता की मूर्ति प्रकट हुई थी। यहां पर मां दुर्गा की सात बहनों के भी थान हैं। मान्यता है कि यहां पर पूजा-अर्चना करने से मनोकामना पूर्ति व रोगों से निदान मिल जाता है।

इस मंदिर में दिव्य ज्योति जलती रहती है। यह दिव्य ज्योति हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्र के वक्त हिमाचल प्रदेश में विराजमान मां ज्वाला देवी के मंदिर से यहां लाई जाती है। यह मंदिर सनातन परंपराओं को संजोए हुए है और स्थानीय समुदाय के लिए अत्यंत पूजनीय है।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम