राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 48 शिक्षकों को किया सम्मानित, वीडियो में जाने इन शिक्षकों ने अपने अनोखे तरीकों से बदली पढ़ाई
शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में देशभर के 48 स्कूल शिक्षकों को नेशनल टीचर अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया। सम्मान पाने वाले शिक्षकों में केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों के शिक्षक शामिल रहे। इन शिक्षकों ने शिक्षा को आसान, रोचक और बच्चों की जरूरत के मुताबिक बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए हैं।
गणित को आसान बनाने के लिए बनाए 700 से ज्यादा वीडियो
महाराष्ट्र के शिक्षक वैभव वसंतराव कुलकर्णी ने गणित जैसे विषय को बच्चों के लिए आसान बनाने की दिशा में बड़ा काम किया। उन्होंने कठिन गणितीय टॉपिक्स को सरल तरीके से समझाने के लिए 700 से ज्यादा वीडियो तैयार किए।इन वीडियो के जरिए छात्रों को मुश्किल अवधारणाओं को आसानी से समझने में मदद मिली। उनके इस प्रयास ने पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल का बेहतर उदाहरण पेश किया।
राजस्थान में 500 पेड़ों पर लगाए QR कोड
राजस्थान के शिक्षक दिव्येंदु सेन ने पर्यावरण और तकनीक को शिक्षा से जोड़ने का अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने स्कूल और आसपास के क्षेत्र में मौजूद 500 पेड़ों पर QR कोड लगाए।बच्चे जब इन QR कोड को स्कैन करते हैं तो उन्हें संबंधित पेड़ के बारे में जानकारी मिलती है। इस पहल के जरिए छात्रों में पेड़-पौधों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की गई। पढ़ाई को कक्षा की चारदीवारी से बाहर ले जाने का यह प्रयोग काफी खास रहा।
पंजाब के शिक्षक ने बनाई वर्चुअल फिजिक्स लैब
पंजाब के शिक्षक दिनेश कुमार ने विज्ञान की पढ़ाई को प्रैक्टिकल और आसान बनाने के लिए वर्चुअल फिजिक्स लैब तैयार की। इसके अलावा उन्होंने छात्रों के लिए 100 से ज्यादा कम खर्च वाले मॉडल भी बनाए।इन मॉडलों की मदद से छात्र भौतिक विज्ञान के सिद्धांतों को सिर्फ किताबों में पढ़ने के बजाय उन्हें प्रयोग के जरिए समझ सकते हैं। कम लागत वाले मॉडल तैयार करने से संसाधनों की कमी वाले स्कूलों में भी प्रयोग आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की कोशिश हुई।
चंडीगढ़ में 3D गुंबद थिएटर और मौसम केंद्र
चंडीगढ़ के शिक्षक रवि जयसवाल ने छात्रों के लिए 3D गुंबद थिएटर और मौसम केंद्र तैयार किया। इसका उद्देश्य बच्चों को विज्ञान और आसपास की प्राकृतिक घटनाओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से समझाना था।3D तकनीक के माध्यम से छात्रों को जटिल वैज्ञानिक विषयों को विजुअल तरीके से समझने का अवसर मिलता है। वहीं मौसम केंद्र के जरिए विद्यार्थी मौसम से जुड़े आंकड़ों और बदलावों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकते हैं।
हिमाचल की शिक्षिका ने स्कूल को बनाया प्लास्टिक-फ्री
हिमाचल प्रदेश की शिक्षिका मंजरी महाजन ने स्कूल को प्लास्टिक-फ्री बनाने और बेहतर कचरा प्रबंधन की दिशा में काम किया। उन्होंने छात्रों को प्लास्टिक के नुकसान और कचरे को सही तरीके से अलग करने के बारे में जागरूक किया।उनकी पहल का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की आदत विकसित करना और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
इनोवेशन और समर्पण को मिला राष्ट्रीय सम्मान
नेशनल टीचर अवॉर्ड 2026 के लिए सम्मानित शिक्षकों के प्रयास बताते हैं कि शिक्षा केवल किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों के इन शिक्षकों ने तकनीक, पर्यावरण, प्रयोग और रचनात्मक गतिविधियों को पढ़ाई से जोड़कर बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने का प्रयास किया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा इन शिक्षकों को सम्मानित किया जाना उनके समर्पण और नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का प्रतीक है। शिक्षक दिवस पर मिले इस सम्मान से न केवल इन शिक्षकों का उत्साह बढ़ा है, बल्कि देश के दूसरे शिक्षकों को भी नए प्रयोग करने की प्रेरणा मिलेगी।