राजस्थान में गणतंत्र दिवस की तैयारियां पूरी, जयपुर और दिल्ली में समारोह और झांकियों का होगा आकर्षक प्रदर्शन
राजस्थान में गणतंत्र दिवस को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार, 26 जनवरी को देशभर के लोग 77वां गणतंत्र दिवस गर्व और उत्साह के साथ मनाएंगे।
राजस्थान के लिए यह दिन खास इसलिए भी है क्योंकि दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड में राज्य की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस बार झांकी में बीकानेर की ‘उस्ता कला’, रावणहत्था वादन और पारंपरिक कलाकृतियों को शामिल किया गया है, जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक धरोहर को दर्शाएंगी।
उस्ताकला और रावणहत्था वादन जैसी पारंपरिक कलाएं राजस्थान की लोककला और हस्तशिल्प परंपरा की पहचान हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि झांकी में इन कलाओं को प्रदर्शित करना राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर है।
वहीं, जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह 2026 का आयोजन किया जाएगा। समारोह में राज्य के अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों और विभिन्न समाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पुरस्कार वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राजस्थान पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और समारोह के संचालन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। ट्रैफिक नियंत्रण, प्रवेश व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष योजना बनाई गई है ताकि समारोह सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य स्तरीय समारोह और राष्ट्रीय झांकी दोनों ही देशभक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का संदेश देंगे। बच्चों और युवाओं को संविधान और लोकतंत्र के महत्व को समझाने का भी यह अवसर है।
इस प्रकार, राजस्थान में गणतंत्र दिवस की तैयारियां न केवल सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से पूरी हो चुकी हैं, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय गर्व को प्रदर्शित करने का अवसर भी है। पूरे राज्य के लोग इस दिन को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाने के लिए तैयार हैं।