गर्भवती महिला ने फर्श पर दिया बच्चे को जन्म, वीडियो देख टूट जाएगा दिल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने उत्तराखंड के हेल्थकेयर सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक प्रेग्नेंट महिला फर्श पर बैठी दिख रही है, और दावा किया जा रहा है कि यह घटना हरिद्वार के एक सरकारी अस्पताल में हुई।
फर्श पर बच्चे का जन्म
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर ने देर रात अस्पताल पहुंची 28 साल की प्रेग्नेंट महिला को एडमिट करने से साफ मना कर दिया। महिला को तेज लेबर पेन हो रहा था, लेकिन डॉक्टर की लापरवाही की वजह से उसे अस्पताल में एडमिट करने से मना कर दिया गया। दर्द बढ़ने पर महिला को मजबूरन अस्पताल के फर्श पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। हंगामे के बाद महिला को एडमिट कर लिया गया। अच्छी बात यह है कि मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
जांच के निर्देश
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घटना के बाद पीड़ित परिवार ने हरिद्वार के चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) डॉ. आर.के. सिंह से शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए CMO ने अस्पताल के चीफ सुपरिटेंडेंट डॉ. आर.बी. सिंह को जांच कमेटी बनाकर 24 घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। घटना के हालात की जांच करने और ज़िम्मेदारी तय करने के लिए चार डॉक्टरों की टीम बनाई गई है।
CMO ने क्या कहा?
CMO डॉ. आर.के. सिंह ने कहा कि जिस महिला डॉक्टर ने ड्यूटी पर प्रेग्नेंट महिला को एडमिट करने से मना कर दिया, वह कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रही थी और मंगलवार को उसका सर्विस पीरियड खत्म हो गया था। उसे दोबारा अपॉइंट किया जाए या नहीं, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा।
सरकारी मशीनरी पर उठे सवाल
यह घटना न सिर्फ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की असंवेदनशीलता को सामने लाती है, बल्कि सरकारी हेल्थ सर्विसेज़ की असलियत पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार जहां बच्चे के जन्म के लिए सुरक्षित मैटरनिटी स्कीम की बात करती है, वहीं हॉस्पिटल में इस तरह की लापरवाही महिलाओं और परिवारों को कमज़ोर और लाचार बना देती है।