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प्रयागराज में छात्रों से बोले राहुल गांधी, रोजगार के सारे दरवाजे बंद

 

प्रयागराज, 8 अगस्त (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में छात्रों के बीच पहुंचकर केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकार पर निशाना साधा। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, कथित पेपर लीक और निजीकरण पर सवाल उठाए। राहुल ने कहा कि देश के युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या रोजगार की है और पढ़ाई पर पैसा खर्च करने के बावजूद नौकरी के अवसर लगातार सीमित होते जा रहे हैं।

राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “डेटा आपका है, दर्द आपका है और दौलत इनकी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि देश की राजनीतिक और संस्थागत व्यवस्था पर एक खास तरह का नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। राहुल ने कहा कि विश्वविद्यालयों से लेकर नौकरशाही और अन्य संस्थानों तक आरएसएस के लोगों को बैठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में करीब 40 करोड़ युवा हैं और यही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि जब वह युवाओं को भारत की शक्ति और शान कहते हैं तो उनका आशय केवल कार्यक्रम में मौजूद भीड़ से नहीं, बल्कि देश के युवाओं से होता है।

राहुल गांधी ने कहा कि युवा पढ़ाई करते हैं, परिवार पैसा खर्च करता है और डिग्री हासिल होती है, लेकिन इसके बाद रोजगार की गारंटी नहीं मिलती। उन्होंने दावा किया कि एक हजार युवाओं में केवल 12 युवाओं को स्थायी नौकरी मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत में विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर होने का असर रोजगार पर पड़ा है। राहुल ने आरोप लगाया कि नोटबंदी और जीएसटी ने छोटे कारोबार और रोजगार के अवसरों को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में ‘मेड इन चाइना’ और ‘मेड इन वियतनाम’ दिखाई देता है, लेकिन ‘मेड इन इंडिया’ उतनी मजबूती से दिखाई नहीं देता। राहुल ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और हवाईअड्डों के निजीकरण का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश की कई महत्वपूर्ण संपत्तियां निजी हाथों में दी जा रही हैं। छात्रों ने सुनाई संघर्ष की कहानी कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से सीधे संवाद किया। यूपीपीएससी के एक प्रतियोगी छात्र ने सामान्यीकरण और भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा उठाया।

अविनाश नाम के छात्र ने बताया कि वह वर्ष 2018 से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहा है, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हुई। उसने कहा कि पद खाली होने के बावजूद भर्तियां नहीं हो रही हैं। एक अन्य छात्र ने भावुक होकर कहा कि उसके सामने दो विकल्प हैं—चाय की दुकान खोलना या आत्महत्या करना। राहुल ने उसे रोकते हुए कहा कि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है और परिवार पर पड़े आर्थिक बोझ के बारे में पूछा।

छात्र ने बताया कि उसने बीएड करने के लिए जमीन बेच दी है और अब नौकरी की तलाश कर रहा है। बिहार से आई एक छात्रा ने राहुल को बताया कि प्रतियोगी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की गई। एक अन्य छात्र ने पटना में प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का जिक्र किया। उसने कहा कि छात्र लगातार नौकरी, परीक्षा और परिणाम को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। राहुल ने छात्रों से कहा कि वे खुलकर अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार सार्वजनिक रूप से बोले थे तो वह भी नर्वस थे, लेकिन छात्रों ने यहां अपने घर की तरह खुलकर बात की है।

राहुल गांधी ने छात्रों से कहा, “आप भारत की शक्ति हो, आप भारत की शान हो।” उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है और युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल देश के निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने युवाओं के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया। राहुल ने कहा कि युवाओं को लगातार रील देखने और बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और यह 21वीं सदी का एक तरह का नशा बन गया है।

राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से लगातार भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। राहुल ने दरोगा भर्ती परीक्षा, कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, यूपी एसआई भर्ती परीक्षा, लेखपाल भर्ती परीक्षा और आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा समेत कई परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को बार-बार परीक्षा, आंदोलन और परिणाम के चक्र में फंसना पड़ रहा है। उन्होंने प्रयागराज से अपने पारिवारिक जुड़ाव का भी उल्लेख किया।

राहुल ने कहा कि उनका परिवार प्रयागराज में रहा है और उन्हें यहां आकर खुशी होती है। उन्होंने प्रयागराज को ज्ञान का केंद्र बताते हुए कहा कि शहर की पुरानी पहचान को फिर से मजबूत किए जाने की जरूरत है। राहुल गांधी ने भाजपा के राजनीतिक चंदे और संस्थागत प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक राजनीतिक पार्टी का बैंक बैलेंस पहले करीब 150 करोड़ रुपये था, जो आज हजारों करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था के जरिए लोगों की सोच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं का डेटा बड़ी कंपनियों तक पहुंच रहा है और इसी डेटा का इस्तेमाल कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए लोगों के सामने उपलब्ध अवसरों और विकल्पों को प्रभावित करने में किया जा सकता है।

--आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी